महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने आजीविका मिशन की पहल, सीधी में 1100 निशुल्क चूजों का वितरण

सीधी। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मध्य प्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विकासखंड सीधी अंतर्गत एकीकृत कृषि क्लस्टर (IFC) क्रमांक-01 के तहत ग्राम बढ़ोरा और कुबरी में बैकयार्ड योजना के माध्यम से कुक्कुट इकाई के लिए 1100 निशुल्क चूजों का वितरण किया गया। कार्यक्रम जिला परियोजना प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्व-सहायता समूहों से जुड़ी भूमिहीन हरिजन और आदिवासी महिलाओं को आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मिशन द्वारा संचालित इस योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को कुक्कुट पालन से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण और जानकारी भी दी गई। इसमें चूजों की देखभाल, पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से समझाया गया। महिलाओं ने योजना के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि कुक्कुट पालन उनके लिए कम लागत में बेहतर आय का माध्यम बन सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश डे-राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाना है। मिशन के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एनआरएलएम से सीएलएफ नोडल मनोज कुमार मिश्रा, आईएफसी एंकर विजय जायसवाल, वरिष्ठ सीआरपी सोनाकली प्रजापति, अनीता साकेत और सावित्री साकेत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




