सीएम के कार्यक्रम के नाम पर हो रहा जमकर भ्रष्टाचार, गाय बैल की तरह पहुंच रहे लोग, सचिव ने की पुष्टि

सीएम के कार्यक्रम के नाम पर हो रहा जमकर भ्रष्टाचार, गाय बैल की तरह पहुंच रहे लोग, सचिव ने की पुष्टि
सीधी। मध्य प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोप सरपंच और सचिव के ऊपर लगातार लग रहे है। लेकिन इस बात में भी सच्चाई नजर आ रही है। क्योंकि जिस मालवाहक का उपयोग सामान और गाय बैल ले जाने के लिए किया जाता है उसमें लोगों को भूसे की तरह भरकर ले जाते हैं। जिसकी पुष्टि खुद ग्राम पंचायत के सचिव ने की है।
दरअसल यह पूरा मामला सीधी जिले के कुसमी जनपद पंचायत के खैरी ग्राम पंचायत का है। जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जब मुख्यमंत्री का आगमन महखोर में हुआ था तब उस दौरान ग्राम पंचायत खैरी के सचिव के द्वारा गिजोहार की जनता को पिकअप वाहन में भरकर महखोर ले जाया गया था। उस समय भी कुछ ग्रामीणों ने पिकअप में ले जाने का विरोध किया था लेकिन अब इसकी पुष्टि हो गई है।
बता दें कि जैसे ही खैरी सचिव के द्वारा राशि पिकअप वाहन के नाम की आहरित की गई तो ग्रामीणों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया जिसके चलते यह मामला और गरम हो गया है।
इस संबंध में मिली जानकारी अनुसार कार्यालय ग्राम पंचायत खैरी जनपद पंचायत कुसमी के द्वारा वकायदा रसीद बिल वाउचर बनाया गया जिसमें सचिव ने उल्लेख किया कि ग्राम पंचायत खैरी से सीएम प्रोग्राम हेतु महाखोर के लिये पिकअप वाहन से ग्राम गिजोहर की जनता को ले जाया गया एवं लंच पैकेट की व्यवस्था की गई। जिसमे पिकअप वाहन के नाम से ₹6000 और लंच पैकेट के लिये 3 हजार कुल 9 हजार की राशि वाउचर लगाकर सचिव के द्वारा आहरित किया गया है। इससे स्पष्ट हो गया कि ग्रामीणो को ले जाने वाला वाहन पिकअप ही था। माल वाहन से लोगों को सभा स्थल तक ले जाते हुए सचिव ने यातायात के नियमों का उल्लंघन भी किया है। लोगो का कहना है कि पिकअप वाहन एक माल वाहक वाहन है और ग्रामीणों को उस पर भरकर ले जाना यातायत नियम के विरुद्ध है। यदि कोई हादसा हो जाता तो उसके जिम्मेदार कौन होते साथ ही सीएम के प्रोग्राम में इतनी बड़ी चूक सचिव ने कैसे कर दी। इन सब बातो से प्रशासनिक कर्मचारी के ऊपर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है। खैरी सचिव के इस तरह की लापरवाही का विरोध हो रहा है।
सचिव कि करतूतों को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यकार्यपालन अधिकारी कुसमी का ध्यान आकृष्ट कराते हुये मामले मे जांच की मांग की है।




