ब्रेकिंग न्यूज़

“नवीन दाण्डिक कानूनों पर राज्य स्तरीय कार्यशाला: अभियोजन अधिकारियों को मिलेगा तकनीकी ज्ञान और मूलभूत सुविधाएं!”

ar 728 ad
AR News Live

यह समाचार मध्य प्रदेश में अभियोजन अधिकारियों के लिए आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के बारे में है, जो 8 दिसंबर 2024 को भोपाल के होटल पलाश में आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य नवीन दाण्डिक विधियों की उपयोगिता और चुनौतियों पर चर्चा करना था।

 

कार्यशाला के प्रमुख बिंदु

1. मुख्य उद्देश्य

– 1 जुलाई 2024 से लागू हुए नवीन दाण्डिक विधियों की उपयोगिता और अभियोजन अधिकारियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना।

– न्यायालय में सशक्त अभियोजन संचालन , पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना और साक्षी संरक्षण योजना पर ध्यान केंद्रित करना।

 

2. मुख्य अतिथि और विशेष अतिथि

मुख्य अतिथि : श्री अनिल किशोर यादव, संचालक, केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल।

विशिष्ट अतिथि : पूर्व संचालक श्रीमती सुषमा सिंह।

 

3. विशेष सत्र 

– भारतीय न्याय संहिता 2023 पर श्री अनिल किशोर यादव का विस्तृत संबोधन।

भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के प्रावधानों पर विशेष जिला न्यायाधीश श्री स्वयंप्रकाश दुबे का मार्गदर्शन।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के प्रावधानों पर विशेष जिला न्यायाधीश (एसटीएफ) श्री अतुल सक्सेना द्वारा व्याख्यान।

 

4. संचालक लोक अभियोजन का वक्तव्य

श्री बी.एल. प्रजापति (जिला न्यायाधीश) ने अभियोजन अधिकारियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की बात कही, जिनमें कार्यालय, बैठक व्यवस्था, महिला अधिकारियों के लिए प्रसाधन और लैपटॉप प्रदान करना शामिल है।

– उन्होंने अभियोजन अधिकारियों को नवीन दाण्डिक कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के महत्व को समझाते हुए सशक्त अभियोजन संचालन की जरूरत पर बल दिया।

 

5. उपस्थित अधिकारीगण

संयुक्त संचालक  श्री रामेश्वर प्रसाद कुमरे, श्री राजेंद्र उपाध्याय।

डीपीओ और अन्य अधिकारी: श्रीमती सीमा अग्रवाल, श्री संतोष मिश्रा, श्री टी.पी. गौतम, श्री उदयभान रघुवंशी, श्री शैलेंद्र सिरौठिया, श्री अभिषेक बुंदेला, श्री मनोज कुमार पटेल, श्री आशीष दुबे, श्री दिनेश आर्य और प्रदेश के सभी डीपीओ और उपसंचालक।

 

6. कार्यक्रम का संचालन:

– कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुधा विजय भदौरिया और श्री आकित अहमद खान द्वारा किया गया।

सारांश

यह कार्यशाला अभियोजन अधिकारियों को नवीन दाण्डिक कानूनों के तहत कार्य करने के लिए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन देने के लिए आयोजित की गई थी। साथ ही, कार्यालयी बुनियादी ढांचे और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया, ताकि अभियोजन अधिकारी पीड़ितों को शीघ्र और प्रभावी न्याय दिलाने में सक्षम हों।


AR News Live
ar 728 ad
ar 728 ad

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ar 728 ad
Back to top button