अभियोक्त्री को बहला- फुसलाकर भगाने एवं उसके साथ बलात्कार करने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

अभियोक्त्री को बहला- फुसलाकर भगाने एवं उसके साथ बलात्कार करने के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा
बताया गया कि दिनांक 16/05/2022 को अभियोक्त्री के पिता ने थाना मझौली में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि अभियोक्त्री उम्र 16 वर्ष को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया है, जिसके आधार पर थाना मझौली में अभियोक्त्री के गुमशुदा होने का पंजीकरण एवं अज्ञात व्यंक्ति के विरूद्ध अपराध क्र. 425/22 अंतर्गत धारा 363 भादवि पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना मे लिया गया। विवेचना के दौरान दिनांक 17.05.2022 को अभियोक्त्री को एस.जी.एम.एच. रीवा से दस्तयाब किया गया एवं अभियोक्त्री से घटना के संबंध में पूंछताछ की गई जिसमें पता लगा कि अभियोक्त्री सुनील सिंह गोंड के बुलाने पर दिनांक 16.04.2022 को सीधी से जयपुर चली गई थी, जहां सुनील उसे लेने नही आया, तो उसने आरोपी प्रदीप सिंह गोंड उर्फ पिंटू निवासी जायल को फोन कर बुलाया और उसके साथ चली गई। जहां आरोपी ने अभियोक्त्री को अलग-अलग जगहों पर रखकर प्रतिदिन उसके साथ जबरन बलात्कार किया। अभियोक्त्री के मना करने पर उसके साथ मारपीट करता था। अभियोक्त्री का स्वास्थ्य खराब होने पर आरोपी ने उपचार कराकर उसे वापस घर भेज दिया। रीवा रेलवे स्टेशन उतरने पर उसे चक्कर आ गया, जिससे लोगो के द्वारा उसे एस.जी.एम.एच.रीवा में भर्ती कराया गया। हॉस्पिटल स्टाफ के द्वारा फोन कर उसके घरवालों को सूचित किया गया। डॉक्टर ने उसे बताया है कि वह गर्भवती है। पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध धारा 366ए, 376(2)(ढ), 323 भादवि एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5ठ/6 के अंतर्गत अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 102/22 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा के द्वारा मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट ) सीधी के द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी प्रदीप सिंह गोंड तनय सम्पूरन सिंह गोंड उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम उमरिहा, थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी को पॉक्सों एक्ट की धारा 5(जे)(ii)/6 में आजीवन कारावास एवं 20,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड की संपूर्ण राशि रू. 20,000/- क्षतिपूर्ति स्वरूप अपील न होने की दशा में अपील अवधि पश्चात् अभियोक्त्री को प्रदान किये जाने का भी आदेश पारित किया गया।
(2) :*एस.सी.एस.टी. एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में न्यायालय ने सुनाई सजा*:
बताया गया कि दिनांक 12.04.2021 को फरियादी शिवेन्द्र प्रजापति ने पुलिस चौकी, जिला अस्पताल सीधी में इस आशय की मौखिक रिपोर्ट दर्ज करायी कि उक्त दिनांक को शाम करीब 04.30 बजे वह अपनी बकरियों को चराने गांव के बाहर ले गया था, तब उसकी बकरियां गांव के बाबूलाल यादव के खलिहान में चली गयी थी, इसी बात को लेकर बाबूलाल यादव, फरियादी को मां, बहन की गंदी गंदी गालियां देते हुए बोला कि कुम्हरा, तुमको दिखाई नहीं देता है, मेरे खलिहान में बकरियां लाकर डाल दिये हो। फरियादी ने अभियुक्त बाबूलाल को गाली देने से मना किया तो अभियुक्त ने फरियादी को डंडे से मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। फरियादी की उक्त सूचना के आधार पर पुलिस चौकी, जिला अस्पताल सीधी में जीरो नम्बर की प्राथिमिकी दर्ज की गयी व उक्त प्राथिमिकी के आधार पर थाना जमोड़ी में अभियुक्त के विरूद्ध अंतर्गत धारा 294, 323, 506 भा.द.सं. एवं धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(v-a) एस.सी.एस.टी. एक्ट की अपराध क्रमांक 260/2021 की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई व प्रकरण विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत अभियुक्त् बाबूलाल यादव के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय (एससीएसटी एक्ट) सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 22/21 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक श्री रमाशंकर दुबे द्वारा मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) सीधी के द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी बाबूलाल यादव तनय सुखपति यादव, उम्र 41 वर्ष, निवासी ग्राम कोल्हुआ, थाना जमोड़ी, जिला-सीधी (म.प्र.) को धारा 323 भादवि एवं एससीएसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी-ए) में न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 1,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया।
इसीप्रकरण एक अन्ये मामले में बताया गया कि दिनांक 09.05.2019 को फरियादी नीता कोल ने अपने पति रामधनी कोल एवं सास सच्ची कोल के साथ थाना चुरहट में उपस्थित होकर इस आशय की मौखिक रिपोर्ट दर्ज करायी कि उक्त दिनांक को 12:30 बजे वह अपने घर के बाहर अकेली खडी थी, तभी अभियुक्त मोनू सिंह एवं सिद्धार्थ सिंह बघेल उसके घर पर आये और अश्लील गालियां देते हुए उससे बोले कि तुने कमलेश सेन की टी.वी. चुराई है, तब फरियादी ने बोली कि वह टी.वी. के संबंध में कुछ नहीं जानती है, इसी बात पर अभियुक्त मोनू सिंह ने उसे जातिसूचक शब्द कोल कहकर चप्पल से 5-6 चप्पल उसके पीठ में मारा तथा उसे पकड़कर बोला कि टी.वी. कहां है बताओ, इतने में सिद्धार्थ सिंह बघेल अपना बेल्ट उतार कर उसे 3-4 बेल्ट बाये हाथ के पखौरे में मारा, तब उसके द्वारा हल्ला-गोहार करती हुई ऋतुराज सिंह बघेल के घर गई तो वहां पर भी उसे जातिसूचक शब्द कहकर हाथ-मुक्के से मारपीट किये। हल्ला-गोहार किये जाने पर ऋतुराज सिंह की औरत और ऋतुराज सिंह का लड़का छोटू सिंह आकर बीच-बचाव किये, तब दोनों अभियुक्तगण उससे बोले कि टी.वी. का पता लगाकर बताना नहीं तो जान से खत्म कर देगें। उसके बाद फरियादी अपने घर आई और घटना की बात अपने पति एवं सास को बताई थी। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना चुरहट में अभियुक्तगण के विरूद्ध अंतर्गत धारा 294, 323, 506, 34 भा.द.सं. एवं धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(वी-ए) एस.सी.एस.टी. एक्ट के अपराध क्रमांक 228/2019 की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई व प्रकरण विवेचना में लिया गया। पुलिस द्वारा विवेचना उपरांत अभियुक्त मोनू सिंह के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय (एससीएसटी एक्ट) सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 120/19 में शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक श्री रमाशंकर दुबे द्वारा मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया गया, परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) सीधी के द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी मोनू सिंह उर्फ विजय तनय स्व. राजेन्द्र सिंह, उम्र-34 वर्ष, निवासी ग्राम बड़ा टीकट, थाना चुरहट, जिला-सीधी (म.प्र.) को धारा 323 भादवि एवं एससीएसटी एक्ट की धारा 3(2)(वी-ए) में न्यायालय उठने तक का कारावास एवं 1,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया गया। दोनो ही प्रकरणों में 200/- 200/- रूपये प्रतिकर के रूप में अपील अवधि पश्चात् अपील न होने की स्थिति में पीडित को प्रदान किये जाने का आदेश भी पारित किया गया।



