फर्जी डॉक्टर को हुआ 3 वर्ष का सश्रम कारावास

फर्जी डॉक्टर को हुआ 3 वर्ष का सश्रम कारावास
इंदौर – जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 04.10.2023 को माननीय न्यायालय – श्री निलेश यादव, माननीय अपर सत्र न्यायाधीश ,देपालपुर जिला इंदौर ने थाना बेटमा, जिला इंदौर के विशेष प्रकरण क्रमांक 17/2021 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी खलील पिता सैफीरूददीन आयु 49 वर्ष, निवासी हा. मुकाम बाग मोहल्ला गौतमपुरा जिला इंदौर को मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम की धारा 24 में दोषी पाते हुए 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री शिवनाथसिंह मावई द्वारा की गई।
प्रकरण का सारांश संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 30.08.2019 को खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देपालपुर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रकला पंचोली मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील असाटी व बी.पी.एस. दिनेश पाटीदार पुलिस के साथ डॉ. खलील एहमद के क्लिनिक खालिद गौतमपुरा में टीम के द्वारा छापामार कार्यवाही की गई. जांच के दौरान पाया गया कि खलील एहमद नामक व्यक्ति द्वारा उसकी दुकान के बोर्ड पर तथा मरीजों को दिये जाने वाले उपचार की पर्ची, पेड पर एम.बी.बी.एस. डी. आर्थो (पटना) तथा एम.एस. (पटना) की डिग्री होने का उल्लेख फर्जी तरीके से किया जाकर आम जनता को इस डिग्री का धोखा देते हुए डॉक्टर के रूप में अनाधिकृत रूप से ईलाज करते हुए पैसा वसूला जा रहा है जबकि मौके पर जांच के दौरान खलील एहमद के पास उसके द्वारा बताई जा रही कोई डिग्री होना नहीं पाई गई और न ही इस व्यक्ति का एवं इसके द्वारा चलाये जा रहे क्लिनिक का मेडिकल काउन्सलिंग में कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं होना पाया गया। मौके पर आवेदक विक्रम पिता तुलसीराम ग्राम पितावली पोस्ट देपालपुर पी. एस. गौतमपुरा की शिकायत पर जांच हेतु टीम आई इसलिये खलील एहमद नामक फर्जी डॉक्टर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जाये जिस पर से थाना गौतमपुरा के अपराध 171 / 2019 अंतर्गत धारा 420 भा.द.सं. एवं 24 मध्यप्रदेश राज्य आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। मृतक तुलसीराम की ईलाज के दौरान मृत्यु हो गयी थी। मृतक तुलसीराम की मृत्यु हो जाने के कारण भा.द.सं. की धारा 304 का ईजाफा किया गया। प्रकरण में मेडिकल ऑफिसर एम. व्हाय अस्पताल इन्दौर से अभिमत प्राप्त किया गया । अभियुक्त खलील को गिरफ्तार किया गया एवं अभियुक्त के विरूद्ध संपूर्ण विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय देपालपुर मे पेश किया गया था, जिस पर से आरोपी को उक्त सजा सुनाई गई।




