दिव्यांगजनों के लिए सरकार संकल्पित: विधायक विश्वामित्र पाठक

सिहावल: दिव्यांगजन समाज के अभिन्न अंग हैं और उनके बेहतर जीवनयापन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के तहत जनपद पंचायत सिहावल सभागार में एक निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक श्री विश्वामित्र पाठक ने दिव्यांगजनों को “विशिष्ट जन” की संज्ञा देते हुए उन्हें सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने का संकल्प दोहराया।
आरईसी लिमिटेड के तत्वावधान और एलिम्को के सहयोग से आयोजित इस शिविर की शुरुआत भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। आरईसी के प्रतिनिधि चंदन सिंह ने इस अवसर पर निगमित सामाजिक दायित्व के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी।
विधायक ने दी सरकार की योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक श्री विश्वामित्र पाठक ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, “दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। जांच एवं परीक्षण शिविरों का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि कोई भी पात्र हितग्राही इससे वंचित न रहे।”
इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना एक पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार सबको समान अवसर देने के लिए संकल्पित है और दिव्यांगजनों को समाज में विशिष्ट स्थान दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है।”
36 दिव्यांगजनों को मिला सहायक उपकरण
शिविर के दौरान 36 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, छड़ी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए।
उपस्थित गणमान्यजन
इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री विमलेश रावत, तहसीलदार सिहावल श्रीमती साक्षी गौतम, सीईओ रविशंकर मिश्रा, दलबहादुर सिंह चंदेल, चंद्रशेखर शुक्ला, राजेश्वर पटेल, पुष्पेंद्र मिश्रा, सरपंच श्रीमती मुन्नी वर्मा, श्रीमती नीलू तिवारी, संतोष पाठक, नरेन्द्र सिंह चंदेल, फजल मोहम्मद, प्रतीक द्विवेदी, कामता तिवारी बीपीओ, अखिलेश तिवारी, एलिम्को के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सरकार द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।




