बहरी तहसील में राजस्व कार्यों की समीक्षा, लापरवाही पर रीडरों की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश

सीधी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने शनिवार को बहरी तहसील का निरीक्षण कर राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने दो वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की रैंडम आधार पर जांच की और अधिकारियों को पुराने प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विकास मिश्रा भी मौजूद रहे।
कमिश्नर ने लंबित प्रकरणों में अब तक हुई कार्रवाई, मामलों के लंबित रहने के कारण और उनके निराकरण की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में भूमि और नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामले आते हैं, इसलिए इनके निराकरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रक्रिया की शुद्धता और निर्णय की गुणवत्ता के साथ तेजी से मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए।
रीडरों की लापरवाही पर सख्ती
राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों की कार्यवाही और रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही सामने आने पर कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया। उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित रीडरों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए।
कमिश्नर ने अधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
फॉर्मर रजिस्ट्री में तेजी के निर्देश
निरीक्षण के दौरान फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने शेष किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री जल्द पूरी कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अमले को सक्रिय करते हुए किसानों को प्रक्रिया की जानकारी देने और अधिक से अधिक पात्र किसानों की रजिस्ट्री सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
रेलवे परियोजनाओं के भू-अर्जन प्रकरणों की समीक्षा
कमिश्नर ने रेलवे परियोजनाओं से जुड़े भू-अर्जन प्रकरणों की भी प्रकरणवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़ी सभी आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं से संबंधित भू-अर्जन मामलों में विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सिहावल राकेश शुक्ला, तहसीलदार हिमांशु शुक्ला सहित संबंधित राजस्व एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।




