प्रभारी सचिव एवं सरपंच के द्वारा लिखी जा रही भ्रष्टाचार की इवारत, बगैर निर्माण के ही निकाल ली गई लाखों की राशि…?

प्रभारी सचिव एवं सरपंच के द्वारा लिखी जा रही भ्रष्टाचार की इवारत, बगैर निर्माण के ही निकाल ली गई लाखों की राशि…?
सिंहावल। सीधी जिले का सिहावल मुख्यालय आए दिन सुर्खियों में बना ही रहता है। यहा जब भी कुछ होता है तो बड़ा ही भ्रष्टाचार होता है जिसकी गूंज दिल्ली तक जाती है।
जी हां हम बात कर रहे हैं सीधी जिले के सिहावल मुख्यालय अंतर्गत ग्राम पंचायत बमुरी की जहां पर पीसीसी निर्माण कार्य को लेकर तीन बिल के माध्यम से दिनांक 24.6.2024 कों गिट्टी बालू और सीमेंट के नाम पर लाखों की राशि निकल ली गई 4 से 5 माह बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं हुई।

यह निर्माण कार्य रामप्यारे दुबे जी के घर से विद्यापति दुबे जी के घर तक बनानी थी पीसीसी सड़क लेकिन आज तक ना तो कोई मटेरियल गिराया गया ना ही निर्माण कार्य की शुरुआत की गई।
सरपंच प्रभारी सचिव सत्ता के नशे में चूर
सरपंच विमलेश रावत जों सरपंच के साथ साथ भाजपा सिहावल मंडल के महामंत्री के पद पर भी पदस्थ है, जिसका असर इस भ्रष्टाचार की इबारत लिखने देखा जा रहा है। सत्ता के नशे में चूर है सरपंच सचिव।
वही ग्राम पंचायत के GRS कमलेश कुमार केवट को मिला है पंचायत में सचिव का प्रभार जब से सचिव का प्रभार मिला GRS को तब से भ्रष्टाचार की इबारतें लिखी जा रही है यह कोई पहले मामला नहीं है ऐसे और कई मामले ग्राम पंचायत के निर्माण कार्य में है जहां खानापूर्ति कर राशि डकार लीं गई है। इस तरह से भ्रष्टाचार का आलम जब मुख्यालय जनपद पंचायत के नाक के नीचे हो रहा है तो दूर की पंचायतों में क्या होता होंगा ज़रा सोचिए।
बताते चले कि समाचार पत्रों में खबर का प्रकाशन होते ही बचाव में उत्तर पड़े तथा कथित पत्रकार जो ऐसा प्रतीत होता है कि सरपंच के दलालों के इसरे में उक्त ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की इबारत लिखी जा रही है।




