जिले की कानून व्यवस्था भगवान भरोसे

जिले की कानून व्यवस्था भगवान भरोसे
*लगातार हो रही है जिले में गंभीर घटनाएं पुलिस प्रशासन का खौफ नहीं है अपराधियों में*
*लगातार बढ़ते अपराध के कारण पुलिस के रवैया पर उठ रहा है सवालिया निशान*
*मध्य प्रदेश में लगातार आदिवासियों के साथ हो रहा है अत्याचार*
*इतनी बड़ी घटना में बीजेपी के किसी बड़े नेता ने नहीं जवाबदारी आखिर जनता किस उम्मीद रखें*
*लगातार अवैध रेत उत्खनन, सड़क दुर्घटनाएं, हत्या, बलात्कार, आत्महत्या, चोरी, डकैती एवं अन्य साइबर क्राइम बढ़ रहे हैं लेकिन पुलिस प्रशासन लापता*
*पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान लगातार युवा हो रहे हैं अपराधियों के शिकार*
*हम कठोर कार्यवाही के साथ-साथ सीधी के आम नागरिक होने के नाते पुलिस प्रशासन से इतना आश्वासन चाहते हैं की क्या हम अपने जिले में सुरक्षित हैं हम अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाये क्या अपराधी पुलिस प्रशासन से बढ़कर हो गए हैं?*
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी l जिले के मझौली कॉलेज की सात छात्राओं के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है जिस पर पुलिस प्रशासन नाममात्र कार्यवाही कर रहा है।
उक्त बातें मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस जिला इकाई सीधी के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह दादू ने प्रेस वार्ता के दौरान कही और उन्होंने जिले की बदहाल कानून व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पुलिस ने इस मामले को लेकर के अभी जितनी गंभीरता दिखाई है अगर उतनी गंभीरता वह पहले से दिखाती तो ऐसे अपराध घटते ही ना। वर्तमान समय में जिले में लगातार आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही है, साथ ही युवा नशे के शिकार हो रहे हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार का जागरूकता अभियान युवाओं के बीच में नहीं चलाया जा रहा है। वह केवल हेलमेट के जांच तक ही सीमित है। मुख्य मार्ग में स्थापित ढाबो में शराब की खेप ढोई जा रही है जिसकी खबरें आए दिन सोशल मीडिया पर चल रही है। लेकिन पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इस मामले में कार्यवाही करना पुलिस का कर्तव्य है वह करेगी लेकिन सवाल यह उठता है की कब तक ऐसे अपराध बढ़ते रहेंगे। क्या सीधी पुलिस अपराधियों के सामने नतमस्तक है या सत्ता पक्ष के दबाव में केवल वसूली तक सीमित है। वर्तमान समय में जिले की स्थिति केवल भगवान भरोसे है आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोग अपने परिजनों को खो रहे हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा न मिलने के कारण कई लोग असामयिक मौत के काल में जा रहे हैं। युवक- युवक्तियों द्वारा लगातार नशे में गिरफ्त होने की खबरें आ रही है लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरीके से सुस्त है। जिले में इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन सीधी विधायक ने पीड़ितों से मिलना भी मुनासिफ ना समझा और ना ही उनका कोई कठोर बयान आया है। उन्होंने केवल कार्यवाही की बात करते हुए मामले को किनारे कर दिया लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि आदिवासियों के साथ यह अत्याचार कब तक चलेगा। आखिर जिले में कानून व्यवस्था पूरी कैसे पटरी पर आएगी यह सभी प्रश्न है। जिनका जवाब प्रशासन को देना होगा और यहां के जनप्रतिनिधियों भी जवाबदारी है। यदि कोई अच्छा कार्य करता है तो उसका ट्रांसफर करवा दिया जाता है तो कोई खराब कार्य करता रहा है तो उसकी आलोचना क्यों ना की जाए सीधी पुलिस अब वसूली पुलिस तक सीमित है और सत्ता पक्ष के इशारे पर नाच रही है। जिले की जनता भगवान भरोसे है।
इस मामले में बड़ी कार्यवाही अगर नहीं हुई और सीधी पुलिस ने अपने रवैया को नहीं सुधारा तो मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस बदहाल कानून व्यवस्था के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेगा।




