सीधी जिला जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित ——-

सीधी जिला जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित
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सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त किये बगैर टयूबवेल का उत्खनन प्रतिबंधित रहेगा
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अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सक्षम अधिकारी घोषित किया गया
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी-जिले की प्रमुख नदियों, नालों एवं स्टापडैम के प्रवाह में निरन्तर कमी के फलस्वरूप जिले में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना को देखते हुये पशुओं सहित जिले की आम जनता को पेयजल प्रदाय सुनिश्चित बनाये रखने के लिये म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 तथा मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण (संशोधित) अधिनियम 2002 की धारा (3) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी ने आदेश जारी कर सम्पूर्ण सीधी जिले की राजस्व सीमा के अन्तर्गत तहसील रामपुर नैकिन, चुरहट, गोपदबनास, सिहावल, बहरी, मझौली एवं कुसमी को 01 अप्रैल 2024 से 30 जून 2024 अथवा वर्षा प्रारंभ होने तक जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। उक्त अधिनियम की धारा 6 (1) के तहत आदेशित किया गया है कि सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त किये बगैर टयूबवेल का उत्खनन प्रतिबंधित रहेगा तथा नदियों, नालों, स्टापडैम से पेयजल को छोड़कर अन्य प्रयोजन के लिए पानी लेना प्रतिबंधित रहेगा। सम्बन्धित अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सक्षम अधिकारी घोषित किया गया है।
उक्त आदेश शासकीय नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा तथा इस आदेश का उल्लंघन उक्त अधिनियम के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।




