महिला हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद, सुनियोजित हत्या मामले में कोर्ट का फैसला

भोपाल। वर्ष 2023 के चर्चित महिला हत्याकांड में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति राजपूत की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शासन ने इस प्रकरण को सनसनीखेज मामलों की श्रेणी में रखा था। विशेष लोक अभियोजक श्रीमती दीप्ति पटेल ने मामले की प्रभावी पैरवी की।
न्यायालय ने आरोपी आदित्य उर्फ आदी साहू, धीरेन्द्र और सरफराज को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/120-बी के तहत आजीवन कारावास तथा 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं आदित्य उर्फ आदी साहू और सरफराज को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(बी) के तहत दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की भी सजा सुनाई गई।
ऐसे हुआ था हत्याकांड
पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल 2023 को महिला के घर वापस नहीं लौटने पर उसकी सास ने थाना टीला जमालपुरा में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। चार दिन बाद थाना बिलखिरिया क्षेत्र के एक खेत में बने टपरे से महिला का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी आदित्य ने महिला से पैसे उधार लिए थे। महिला द्वारा लगातार पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने उसकी हत्या की साजिश रची। योजना के तहत छीने गए मोबाइल की सिम का उपयोग कर महिला को पैसे लौटाने के बहाने मिलने बुलाया गया। इसके बाद उसे ऑटो से कनहासैया खंडहर ले जाकर चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई।
वैज्ञानिक साक्ष्य बने अहम कड़ी
विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक दीप्ति पटेल ने न्यायालय से अनुमति लेकर मृतका के नाखूनों में मिले मानव रक्त का मिलान आरोपी आदित्य के कपड़ों पर मिले रक्त से कराया। फोरेंसिक जांच में दोनों नमूने समान पाए गए, जिसे न्यायालय ने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य मानते हुए अन्य साक्ष्यों के साथ स्वीकार किया।
सभी साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष के तर्कों से संतुष्ट होकर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।




