मारपीट के आरोपी को कारावास की सजा – सीधी में न्याय ने दिलाया पीड़ित को न्याय

सीधी। ग्राम सैरपुर निवासी फरियादी सुबंश रजक पर 8 दिसंबर 2020 को हुए हमले के मामले में मारपीट के आरोपी को सजा सुनाई गई है। न्यायालय जेएमएफसी सीधी ने आरोपी भोला रजक को एक वर्ष के सश्रम कारावास और ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय न केवल न्याय की पुष्टि करता है बल्कि समाज में अपराध के प्रति एक सशक्त संदेश भी देता है।
मारपीट के आरोपी को सजा: जानिए क्या हुआ था उस दिन
फरियादी सुबंश रजक 8 दिसंबर 2020 की दोपहर निमंत्रण में जा रहे थे, तभी ग्राम सैरपुर में आरोपी भोला रजक, प्रदीप रजक और संदीप उर्फ बबलू रजक ने रास्ता रोककर गाली-गलौज की और डंडों से मारपीट की। विवाद की जड़ जमीन से जुड़ा हुआ था। इस दौरान फरियादी को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मारपीट के आरोपी को सजा: पुलिस जांच और चार्जशीट
थाना कोतवाली में धारा 294, 323, 506, 34, 325 IPC के तहत अपराध क्रमांक 29/21 दर्ज किया गया। फरियादी का मेडिकल परीक्षण हुआ, गवाहों के बयान दर्ज हुए और संपूर्ण विवेचना के बाद आरोपीगण के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की गई। नाबालिगों के विरुद्ध पूरक चालान किशोर न्याय बोर्ड सीधी में प्रस्तुत किया गया।
मारपीट के आरोपी को सजा: अदालत में हुई सशक्त पैरवी
सरकार की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती पूजा गोस्वामी ने मामले में सशक्त पैरवी की। न्यायालय ने भोला रजक को संदेह से परे दोषी पाया और धारा 325/34 में दोषसिद्ध कर सजा सुनाई। यह फैसला न केवल पीड़ित को न्याय देने वाला है, बल्कि समाज को भी कानून के प्रति जागरूक करता है।
मारपीट के आरोपी को सजा: सामाजिक प्रभाव और कानून का संदेश
यह निर्णय साबित करता है कि कानून के आगे कोई भी व्यक्ति बड़ा नहीं होता। मारपीट के आरोपी को सजा मिलने से ऐसे मामलों में लोगों का भरोसा बढ़ेगा और न्याय प्रणाली की मजबूती सिद्ध होती है। साथ ही, यह फैसला उन लोगों के लिए चेतावनी है जो व्यक्तिगत विवादों में हिंसा का सहारा लेते हैं।




