क्राइम

अपनी ही पत्नी का गला दबाकर हत्याे करने वाले आरोपी पति को हुआ आजीवन कारावास

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इंदौर – जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि दिनांक 31.08.2023 को माननीय न्यायालय – श्री निलेश यादव, माननीय अपर सत्र न्यायाधीश ,देपालपुर जिला इंदौर ने थाना बेटमा, जिला इंदौर के विशेष प्रकरण क्रमांक 87/2021 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी महेश पिता गुलसिंह आयु 22 वर्ष निवासी जिला धार को धारा 302 भा.दं.वि. मे में आजीवन कारावास 1000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री शिवनाथसिंह मावई द्वारा की गई।

घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि सूचनाकर्ता पितामह भील द्वारा थाना बेटमा पर सूचना दी गई कि उसकी लड़की मृतक मंजू का विवाह आरोपी महेश पिता गुलसिंह बघेल से हुआ था विवाह से उसको एक लड़की डेढ साल की है। मेरी लडकी व जमाई मारुति नगर कालोनी में किराये के मकान में रहते थे, मेरे लडके सुरेश के पास मेरे जमाई के भाई बलराम का फोन आया कि मंजू मर गई है। इस सूचना पर मैं, मेरा लड़का सुरेश, मेरी पत्नीड गौराबाई के साथ मारुति नगर कालोनी में आकर मेरी लड़की को देखा तो वह कुछ बोल नही रही थी बेसुध पडी हुई थी , मै, मेरा लड़का, मेरी पत्नीी मृतक मंजू को सरकारी अस्पताल बेटमा लाये, डाक्टर साहब ने बताया कि मर गई है। मै मरने की सूचना करता हूँ । उक्त सूचना पर श्रीमति मंजू पति महेश के संदेहास्पद मृत्यु होने पर थाना बेटमा पर मर्ग क्रमांक 79/19 धारा 174 जा. फौ. मृतिका श्रीमति मंजू पति महेश की लाश का पंचनामा की कार्यवाही के पश्चात पोस्टरमार्टम एम. बाय अस्पजताल इन्दौर से कराये जाने के पश्चात मर्ग जांच के दौरान साक्षियो के कथन लेखबद्ध किये गए तथा पी. एम. मे मृतिका की मृत्यु गर्दन दबाने के कारण स्वास रूकने के कारण से मृत्यु होना पाई गई। मृतिका के पिता एवं परिजनो द्वारा अपने कथनों में जमाई महेश भील के द्वारा मारपीट के कारण मरने की बात बताई गई । इस प्रकार मर्ग जाच व पी.एम. रिपोर्ट से पाया गया कि आरोपी महेश पिता गुलसिंह बघेल जाति भील निवासी पर्वतपुरा थाना जिला धार के द्वारा अपनी पत्नी् श्रीमति मंजू बाई को दिनांक 09-10-12019 की दरम्यानी रात मारूति नगर काली बिल्लौद किराये के मकान में मारपीट कर गला घोटकर हत्या कर दी जिससे अपराध क्रं 530/2019 धारा 302 भादवि का अनुसंधान में लिया गया। अनुसंधान पूर्ण करने के पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया जिस पर से आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया ।

 

 


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