चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का ज्यादा असर नहीं, एहतियातन कई जिलों के में येलो अलर्ट

चक्रवाती तूफान बिपरजॉय का बहुत ज्यादा असर मध्य प्रदेश में नहीं होगा लेकिन वातावरण में लगातार हो रहे बदलाव से इसके प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है. मौसम विभाग ने एहतियातन प्रदेश के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. फिलहाल गर्मी और उमस का आलम अगले कुछ दिन और जारी रहेगा और उसके बाद प्री मॉनसून गतिविधियां शुरू हो जाएंगी.
तापमान में ज्यादा बढ़ोत्तरी की संभावना नहीं
इंदौर और आसपास लगातार कई दिनों से अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. उमस भी लोगों को लगातार बैचेन किए हुए है. कृषि कॉलेज स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के अनुसार चक्रवात के कारण करीब 25 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से पश्चिमी व दक्षिण पश्चिमी हवाएं चल रही हैं. दिन का तापमान स्थिर बना हुआ है. ऐसे में तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी.
चक्रवात के असर से मॉनसून में हो सकती है देरी
अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान के असर से इंदौर सहित मालवा क्षेत्र में नमी और दक्षिणी हवाओं के प्रभाव से बादल दिखाई दे रहे हैं. बिपरजॉय के प्रवेश से कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में वर्षा होने का अनुमान है. बहरहाल मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात से मॉनसून में देरी हो सकती है लेकिन पर्याप्त बारिश होगी.
बुधवार को खजुराहो में दर्ज किया गया 52.2 डिग्री तापमान
बुधवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 54.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रीवा में 43.4, टीकमगढ़ में 43, सीधी में 42.6 और नोगांव में 42.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया. राजधानी भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38, ग्वालियर में 41.2 और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया.
स्थिति पर नजर बनाए हुए है केंद्र और राज्य सरकार
चक्रवाती तूफान से किसी प्रकार की अनहोनी ना हो इसलिए सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है. वहीं 76 से अधिक ट्रेनों को रोक दिया गया है. इसके साथ ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को भी तैनात कर दिया गया है. हालांकि केंद्र सरकार और राज्य हालात पर नजर रखे हुए है. आज श्रद्धालुओं के लिए द्वारकाधीश मंदिर को बिपरजॉय तूफान के कारण बंद कर दिया गया है.




