सीधी

तौल से ज्यादा धान लेने की लगातार मिल रही शिकायतें, जिम्मेदार मौन

मझौली खरीदी केंद्र में मिल रही सर्वाधिक शिकायतें, कार्यवाही से परहेज

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सीधी। जिले के मझौली धान खरीदी में सर्वाधिक शिकायतें मिल रही हैं। जहां कि समिति प्रबंधक की तानाशाही रवैये से किसानों को सुविधाएं तो नहीं मिल रही हैं। साथ ही तौल से ज्यादा धान लेने की शिकायतें भी हुई हैं। मामले में शिकायत भी हुई परंतु जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही तक नहीं कर रहे हैं। यदि मौके पर जांच की जाए तो किसानों की पीड़ा सुनकर अधिकारी भी समिति प्रबंधक सहित अन्य पर कार्यवाही करने को विवश होंगे।

 

सहकारी समितियां में इन दोनों धान की खरीदी का कमजोरों पर है। ऐसे में खरीदी केदो में भारी मात्रा में धान की खेत रखी गई है और किसानों द्वारा लाई भी जा रही है जिससे किसानों को उनकी धान का सही भुगतान शासन स्तर पर किया जा सके, परंतु मझौली धान खरीदी केंद्र में रखी हुई किसने की धन से प्रशासन का कोई मोह नहीं रह गया है, जिसके चलते खरीदी केंद्र के भीतर से ही किसानों के धान को चुराने का काम किया जा रहा है। किसानों से खरीदी की गई धन को समिति के कर्मचारियों द्वारा ही चोरी किया जारहा है। जिसके बाद किसानों की धन से रही है। वहीं किसानों द्वारा मीडिया कोसमिति प्रबंधक द्वारा अन्यत्र राष्ट्र कमाई जाजानकारी देते हुए बताया गया 41 किलो 300 ग्राम धान एक बोरी में ली जाती है। जबकि शासन के नियम के अनुसार 40 किलो 600 ग्राम घन ही एक बोरी में ली जा सकती है लेकिन शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए किसानों से अधिक मात्रा में धान ली जाती है। इसके बाद बोरो से निकाल कर नए बोरा तैयार किया जाता है और उसे धान का पैसा आखिर कौन खा रहा है यह सबसे बड़ा सवाल है।

 

धान की तौलाई में भी हो रहा खेल

 

मझौली खंड कार्यालय से 3 किलोमीटर दूर खुले मैदान में धान की खरीदी चल रही है किसान स्लाट बुक कर धान बेचने के लिए केन्द्रों में पहुंच रहे हैं तो कुछ बिना स्लाट बुक किये ही समिति प्रबंधक से सेटिंग कर पहुंच रहे हैं। बारदाना से लेकर तोलाई तक का रेट फिक्स है और संबंधित अधिकारी समिति प्रबंधक को वाहवाही देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। किसानों से 41 किलो 300 ग्राम अपनी धन भी किसानों को देना पड़ता है और अगर कोई भी बोरी किसी भी केंद्र में तोले जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी निकल सकता है किस दर शर्मा सब कुछ देखता रहता है क्योकि अगर कोई आप भी लगता है तो उसकी धन रिजेक्ट करने में समिति प्रबंधक और उनके गुर्गे कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं हालाकि सब खेल जिम्मेदार अधिकारियों के शहर पर चल रहा है, क्योकि जिम्मेदार अधिकारी भी कहीं ना कहीं इस खेल में शामिल हैं।

 

मामले में शीघ्र होगी जांचः सीईओ

इस मामले को लेकर जिला सहकारी बैंक सीधी के सीईओ कमल मकाने ने कहा कि इसकी शिकायत किसानों द्वारा भेजी जाएगी तो अवश्य कार्यवाही होगी। इसका वीडियो भी बनाकर हमें सूचित किया जाए। साथ ही शिकायत है तो निश्चित रूप से जांच कराने के बाद कार्यवाही की जाएगी।


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