कलेक्टर विकास मिश्रा ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा, हर बसाहट में शुद्ध पानी पहुंचाने के सख्त निर्देश

सीधी। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जिले में पेयजल संकट की आशंकाओं को देखते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने पेयजल व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की प्रत्येक बसाहट में शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा आमजन को पानी के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने जल स्तर की लगातार निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में जल स्रोत कमजोर पड़ रहे हैं, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग समन्वय के साथ गंभीरता से कार्य करें।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कार्यों की गुणवत्ता एवं समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने पेयजल स्रोतों की स्वच्छता को भी प्राथमिकता बताते हुए कुओं, हैंडपंपों, पानी की टंकियों और अन्य जल स्रोतों के नियमित शुद्धिकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में सार्वजनिक हैंडपंपों और पेयजल स्रोतों के आसपास अतिक्रमण पर भी नाराजगी जताई गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक पेयजल स्रोतों पर किए गए सभी अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




