सीधी में दहेज हत्या मामले में बड़ा फैसला, पति समेत 4 दोषियों को 7 साल की सजा

Sidhi dowry case: अपर सत्र न्यायालय सीधी ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति, सास-ससुर और देवर को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
2023 में दर्ज हुआ था मामला
मामला 4 अप्रैल 2023 का है, जब थाना अमिलिया में सूचना मिली कि ग्राम जमुई में विवाहिता सविता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन बाद में दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया।
दहेज के लिए किया जाता था परेशान
जांच के दौरान मृतिका के परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा 2 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर पति, सास, ससुर और देवर द्वारा लगातार मारपीट और मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी।
घटना से पहले भी दी थी जानकारी
मृतिका ने घटना से कुछ दिन पहले अपने पिता को फोन कर बताया था कि उसके साथ दहेज के लिए मारपीट की जा रही है। बावजूद इसके स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
न्यायालय ने सुनाई सख्त सजा
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी जीतेन्द्र द्विवेदी, लालजी द्विवेदी, मनबसुआ द्विवेदी और बृजेन्द्रनाथ द्विवेदी को दोषी पाया।
सभी आरोपियों को धारा 304बी के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास, धारा 498ए में 3 वर्ष की सजा और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत 1 वर्ष की सजा सुनाई गई है। साथ ही आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
अभियोजन की मजबूत पैरवी
अपर लोक अभियोजक श्रद्धा सिंह द्वारा सशक्त पैरवी के आधार पर आरोपियों को दोषी सिद्ध किया गया।




