पांच साल पुराने अतिक्रमण पर कार्रवाई, 51 लोगों के मकान हुए जमींदोज, एसडीएम पर लापरवाही के आरोप

पांच साल पुराने अतिक्रमण पर कार्रवाई, 51 लोगों के मकान हुए जमींदोज, एसडीएम पर लापरवाही के आरोप
सीधी। जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के डिहुली गांव में प्रशासन ने शासकीय तालाब की मेढ़ पर किए गए अतिक्रमण को हाईकोर्ट के आदेश पर हटा दिया. यह कार्रवाई एसडीएम प्रिया पाठक और पुलिस बल की मौजूदगी में की गई. मौके पर छह थानों की पुलिस के करीब 50 जवानों की तैनाती रही. कार्रवाई में कुल 51 लोगों के कच्चे और टीनशेड मकान बुलडोजर से ध्वस्त किए गए, जिनमें 25 लोग कोल जाति और 2 पटेल समुदाय के बताए गए हैं.
जानकारी के मुताबिक, ग्रामीणों ने पिछले पांच वर्षों से तालाब की भूमि पर कब्जा कर घर बना लिए थे. इस पर डिहुली निवासी अंजनी पटेल ने लगभग छह महीने पहले जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद 16 अक्टूबर को अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी की गई थी, लेकिन 10 दिनों में अतिक्रमण न हटाने पर 25 अक्टूबर को दो बुलडोजरों की मदद से प्रशासन ने कार्रवाई अंजाम दी.
ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला पिछले तीन सालों से एसडीएम कार्यालय में लंबित था. बार-बार शिकायत करने के बावजूद एसडीएम प्रिया पाठक ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण उन्हें मानसिक रूप से परेशान होना पड़ा.
वहीं, जब इस संबंध में एसडीएम प्रिया पाठक से मीडिया ने बात की तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “जिसका जो काम है, वही करेगा, मेरे पास केवल एक ही काम नहीं है.”
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई कर देता तो उन्हें अब बेघर नहीं होना पड़ता। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा हुआ है.




