शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय त्योंथर में एड्स दिवस के उपलक्ष्य पर छात्र-छात्राओं ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमे एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक लोगो को जागरूक किया गया।

शासकीय स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय त्योंथर में एड्स दिवस के उपलक्ष्य पर छात्र-छात्राओं ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमे एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक लोगो को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती संगीता दुबे ने की, जिन्होंने छात्र-छात्राओं को एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि एड्स एक गंभीर बीमारी है जो हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा है जागरूकता से ही बचाव है। कार्यक्रम की संयोजक एवं रासेयो कार्यक्रम अधिकारी (छात्रा इकाई) डॉ. मीनाक्षी मेरावी ने छात्रों को एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि हमें इस बीमारी के प्रति जागरूक रहना चाहिए और इसके प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए।
रासेयो कार्यक्रम अधिकारी (छात्र इकाई) मनीष प्रताप सिंह ने कहा कि देश ने 3.14 मिलियन लोग इस रोग के शिकार हैं। देश में सबसे पहले इस रोग का शिकार 1986 में चेन्नई की महिला यौनकर्मी हुई थी। एड्स के बचाव के प्रति जागरूकता ही समाज को उत्तम स्वास्थ्य का वरदान प्रदान कर सकती है। वही डॉ. उमेश पटेल ने एड्स के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में छात्र/छात्राओं को जानकारी दी और लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
तत्पश्चात छात्र-छात्राओं ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में छात्र/छात्राओं ने एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए नारे लगाए और पोस्टर और बैनर के माध्यम से जानकारी दी।
उस दौरान प्रमुख रूप से डॉ. दीपेंद्र तिवारी, डॉ.भास्कर तिवारी, डॉक्टर अभिषेक श्रीवास्तव, डॉ. संतोष सिंह, डॉ. श्रवण कुमार मौर्य, डॉ.विंजू कुमारी, डॉ रंजना शर्मा, डॉ. अभिलाषा गौतम के साथ-साथ महाविद्यालय के छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने मे अपना सराहनीय योगदान दिया।




