*सोन नदी से नहीं थम रहा रेत का अवैध उत्खनन-जय*

*सोन नदी से नहीं थम रहा रेत का अवैध उत्खनन-जय*
रिपोर्ट👉 अरुण मिश्रा
सीधी। जिले में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन प्रतिबंध के बावजूद सोन नदी से हो रहा है। अमिलिया थाना क्षेत्र में सोन नदी के प्रतिबंधित अभ्यारण्य क्षेत्र खड़बड़ा घाट, सेंहुड़ा, डिहुली, सोनवर्षा से अवैध रेत का उत्खनन माफिया लगातार कर रहे हैं। माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हैं कि दिन दहाड़े रेत का उत्खनन करने में जुटे हुए हैं। जिनको पुलिस प्रशासन का भी खौफ नहीं है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता जय सिंह राजू ने कहा है कि क्षेत्रीय ग्रामीण ही बता रहे हैं कि शाम ढलते ही सोन नदी के सोनवर्षा खड़बड़ा घाट, सेंहुडा, डिहुली तट पर क्षेत्रीय रेत माफियाओं के ट्रैक्टर एवं मिनी ट्रक पहुंचने लगते हैं। इसके बाद सोन नदी तट से रेत का अवैध उत्खनन श्रमिकों के माध्यम से शुरू हो जाता है और छोटे वाहनों से रेत निकालकर सुरक्षित ठिकानों में डम्प करने का खेल शुरू होता है। सुबह तक रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन धड़ल्ले के साथ किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित स्थानों में जो रेत माफिया द्वारा डम्प कराया जाता है वहां तक रीवा एवं उत्तरप्रदेश की ओर से आने वाले बड़े मालवाहकों में रात में ही लोडिंग का काम होता है। बड़े वाहनों के पास पहले से ही दूसरे खदानों की रेत टीपी मौजूद होती है उसी के सहारे सोन नदी के रेत का परिवहन होता है। यह अवश्य है कि रेत के परिवहन में लगे बड़े वाहनों द्वारा बीच में संबंधित थानों की पुलिस को निश्चित सुविधा शुल्क दिया जाता है जिसके चलते उनकी कोई जांच-पड़ताल नहीं होती। सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य क्षेत्र के उक्त घाटों से निकाले जाने वाले रेता बड़े वाहनों में लोड़ होने के बाद इसका परिवहन पहाड़ के नीचे के रास्तों से किया जाता है। यह वाहन सुरक्षित रूप से मऊगंज एवं हनुमना की ओर निकल जाते हैं। रेत का अवैध परिवहन कराने में रेत माफिया का बड़ा रैकेट सक्रिय है, जिसके द्वारा रात में भी अलग-अलग मार्गों में अपने आदमियों को तैनात किया जाता है। जिससे उनको पुलिस एवं अन्य अधिकारियों की भनक लगती रहती है। इसमें पुलिस थानों के कुछ कर्मियों की भी सांठगांठ रहती है। इसी तरह सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य क्षेत्र का स्थानीय अमला भी रेत माफियाओं को सूचना देता रहता है। जिससे रेत माफिया प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ही रेत अवैध उत्खनन एवं परिवहन कराते हैं।




