पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को हुआ आजीवन कारावास

पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को हुआ आजीवन कारावास
पत्नी की हत्या को हार्ट अटैक से मृत बताकर शमशान मे ले जाकर जलाने वाले आरोपी को हुई सजा
इंदौर – जिला अभियोजन अधिकारी श्री संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि आज दिनांक को माननीय न्यायालय – श्री निलेश यादव, अपर सत्र न्यायाधीश ,देपालपुर जिला इंदौर ने थाना बेटमा, जिला इंदौर के सत्र प्रकरण क्रमांक 110/2021 में निर्णय पारित करते हुए आरोपी दिलीप उर्फ भारतेन्दु निवासी ग्राम माचल जिला इंदौर को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास, धारा 201 भादसं. में 03 वर्ष का सश्रम कारावास, एवं कुल 2000/- रुपये के अर्थदण्ड दण्डित किया गया। प्रकरण में जिला लोक अभियोजन अधिकारी के निर्देशन पर अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्री शिवनाथसिंह मावई द्वारा की गई।
अभियोजन कहानी इस प्रकार है कि दिनांक 04.08.2020 को समय 12:30 बजे ग्राम माचल के कोटवार ने सूचना दिया कि गांव के भारतेंदु उर्फ दिलीप की पत्नि संजू कुंवर ने घर में रात के समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है जिसे सुबह करीब 6-7 बजे के बीच आरोपी भारतेंदु व 4-5 रिश्तेदारों ने गांव के शमशान घाट में ले जाकर जला दिया है। सूचना के आधार पर देहाती नालसी लेखबद्ध की गयी। एवं सूचना की तस्दीक हेतु आरोपी भारतेंदु के घर पहुंचे एवं मृतिका संजू कुंवर के संबंध में पूछताछ की गयी एवं घटनास्थल आरोपी भारतेंदु के घर पर एफ.एस.एल. टीम को बुलाकर घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया एवं शमशान घाट से भी एफ.एस.एल. टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए । मृतिका के घर के कमरे की तलाशी लेने पर उसमें मृतिका की पेटी में से थाना प्रभारी बेटमा को संबोधित एक लेखी शिकायत आवेदन पत्र मिला जिसे जप्त किया गया। एवं मौके से संदेही मृतिका के पति भारतेंदु का शर्ट, बेडशीट व तकिया का कवर जो सर्फ के पानी में गला हुआ था, को जप्त किया गया । एवं मर्ग जांच में मृतिका के पिता राजेन्द्र सिंह तथा अन्य साक्षियों के कथनों तथा घटनाक्रम एवं उपलब्ध साक्ष्य से यह पाया गया कि मृतिका संजू कुंवर की शादी असामान्य उम्र अंतर के चलते वर्ष 2006 में आरोपी दिलीप उर्फ भारतेंदु के साथ हुई थी और इस कारण से उसकी और उसकी पत्नी के संबंध अच्छे नही होने से आरोपी द्वारा उक्त घटना को अंजाम दिया गया एवं रिश्तेदारो मे अटैक आने का बोलकर लाश को जला दिया था। संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोगपत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जिस पर से आरोपी को उक्त सजा सुनाई गई।


