बिजली न होने से गर्मी में पढ़ने को मजबूर बच्चे- अंकुश मोहनी
स्कूल में पीने के पानी का भी नहीं है इंतजाम

रिपोर्ट अरुण मिश्रा
सीधी।शासकीय स्कूलों में अभी तक बुनियादी स्तर की सुविधा छात्रों को नसीब नजर नहीं आ रही है। उमस भरी गर्मी के बीच एसी की ठंडक में रहने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों में बिना बिजली में पढ़ाई करने की तकलीफ का एहसास भी नहीं है। ऐसे में छात्रों को उमस भरी गर्मी में बेहाल होना पड़ रहा है।
कुछ ऐसा ही हाल सीधी जिले के खड्डी संकुल अन्तर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय बड़ेसर का है। इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को पंखे की हवा तक नसीब नहीं है। दूसरी ओर स्कूल परिसर में एक हैंडपंप है उसमे पानी नही है,बच्चों को पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है बच्चों। को पीने का पानी अपने घर से लेकर आना पड़ता है। अगर पानी खत्म हो जाए तो वापस अपने घर पानी लेने जाना होता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। शासकीय माध्यमिक विद्यालय बड़ेसर में स्कूल भवन के चारों ओर बाउंड्रीवॉल नहीं होने से स्कूल परिसर दिन में आवारा मवेशियों तो शाम के समय जुआरियों, कबाड़ी और नशेलचियों का अड्डा बनता जा रहा है।
सरकार ने स्कूल निर्माण पर लाखों रुपए खर्च कर भवन तो बनाया लेकिन बाउंड्री नहीं बनाई आलम यह है कि दिन में आवारा मवेशी स्कूल में लगी घास को चरने के लिए घुस आते हैं। शाम के समय स्कूल परिसर के अंदर शराबियों और जुआरियों का अड्डा बन जाता है। सुबह जब शिक्षक स्कूल पहुंचते हैं तो उन्हें स्कूल के अंदर कचरा, नमकीन के पैकेट और शराब की बोतलें भी मिलती हैं।




