अतिवृष्टि और बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट, नदियों और बांधों के जलस्तर पर रहेगी नजर

सीधी। जिले में लगातार हो रही बारिश और अतिवृष्टि के बीच संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के अधिकारियों के साथ बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक में सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अलर्ट मोड पर रहने और मैदानी स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
सोन, गोपद और बनास नदियों पर विशेष निगरानी
अधिकारियों को सोन, गोपद और बनास सहित जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। नदी किनारे बसे गांवों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर विशेष नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने नाव, तैराक और बाढ़ राहत में उपयोग होने वाले अन्य संसाधनों की मैपिंग कर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में देरी न हो।
नाले, रपट और पुल-पुलियों पर नजर
कुसमी और मझौली क्षेत्र में नालों, रपटों तथा पुल-पुलियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जलस्तर बढ़ने या किसी मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव शिविरों के लिए उपयुक्त स्थान पहले से चिन्हित करने और वहां आवश्यक संसाधन एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।
बांधों और जलाशयों की स्थिति की भी होगी निगरानी
अधिकारियों को जिले के बांधों, तालाबों और स्टॉप डैम के जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा जलस्तर बढ़ने की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
नगरीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और जल निकासी के रास्तों को अवरुद्ध होने से रोकने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था के लिए भी तैयारी
अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीमों को तैयार रखने और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक पेयजल स्रोत उपलब्ध कराने को कहा गया।
अपर कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति में सूचना का त्वरित आदान-प्रदान और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। सभी अधिकारी अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात सूचना पर बिना देरी राहत एवं बचाव कार्य शुरू करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान एनआईसी कक्ष में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीएम गोपद बनास प्रिया पाठक सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




