सीधी में 891 शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण, 10वीं के परीक्षा परिणाम सुधारने पर फोकस

सीधी। जिले में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के प्रशिक्षण की पहल की। 24, 25 और 27 अगस्त को टाटा कॉलेज, सीधी में आयोजित विषयवार प्रशिक्षण में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के 891 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देशन और जिला शिक्षा अधिकारी पवन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण तकनीकों के साथ विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी कराने की रणनीतियों की जानकारी दी गई।
कठिन विषय और प्रश्नों को सरल तरीके से समझाने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों और मास्टर ट्रेनर्स ने शिक्षकों को कठिन प्रश्नों को सरल तरीके से समझाने, विद्यार्थियों की विषयगत समझ मजबूत करने और परीक्षा की तैयारी को प्रभावी बनाने के तरीके बताए।
ब्लूप्रिंट और अनसॉल्व्ड पेपर के माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न समझाने तथा बेहतर अंक हासिल करने की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।
छह विषयों के शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
एपीसी रमसा डॉ. सुजीत कुमार मिश्र के अनुसार प्रशिक्षण में हिंदी के 144, अंग्रेजी के 158, संस्कृत के 142, विज्ञान के 153, गणित के 163 और सामाजिक विज्ञान के 131 शिक्षक शामिल हुए। कुल 891 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में शिक्षण पद्धति के अलावा विद्यालयों को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित और नवाचारी बनाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
JEE-NEET से लेकर विज्ञान और नवाचार तक पर चर्चा
शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए JEE और NEET कोचिंग, प्रयोगशालाओं एवं पुस्तकालयों को सक्रिय बनाने, विद्यार्थी विज्ञान मंथन यात्रा, भारत इनोवेट-2026 और ग्रीन ओलंपियाड जैसी गतिविधियों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा प्रार्थना सभा की गतिविधियों, पूर्व छात्र सम्मेलन, कक्षा 9वीं के ब्रिज कोर्स और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य कार्यक्रमों के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।
स्कूलों की स्वच्छता और सुरक्षा पर भी जोर
प्रशिक्षण के दौरान विद्यालयों की साफ-सफाई, शौचालयों की नियमित व्यवस्था और भवन की सुरक्षा को लेकर भी निर्देश दिए गए। बारिश के दौरान छत पर पानी जमा होने या पानी टपकने की स्थिति में तत्काल जल निकासी और आवश्यक मरम्मत कराने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में शिक्षकों ने अपने अनुभव और शिक्षण संबंधी नवाचार भी साझा किए। शिक्षा विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की विषयगत एवं अध्यापन क्षमता को मजबूत करना और उसका सीधा लाभ विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं परीक्षा परिणामों में पहुंचाना है।




