विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस सीधी: दर्दनाक इतिहास से सीख और एकजुटता का सशक्त संदेश

सीधी। आज मानस भवन में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस सीधी कार्यक्रम में देश के विभाजन के समय विस्थापित हुए लाखों देशवासियों के दर्द, उनके बलिदान और विभीषिका के कठिन दौर को याद किया गया। इस अवसर पर शहीदों को नमन करते हुए उनके सम्मान में यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सक्रिय सहभागिता की।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस सीधी में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में माननीय डॉ. राजेश मिश्रा (सांसद सीधी), माननीय श्रीमती रीति पाठक (विधायक सीधी), श्री शरदेंदु तिवारी (महामंत्री, भाजपा म.प्र.), श्री देव कुमार सिंह (अध्यक्ष भाजपा सीधी), श्री अभय प्रताप सिंह, श्री संजय नगायच, श्री लालचंद्र गुप्ता, श्री इंद्रशरण सिंह, श्री के.के. तिवारी, श्री देवेंद्र सिंह मुन्नू, श्री राम कुमार शाहू, पंकज पांडेय (मंडल अध्यक्ष), श्री यदुनाथ सिंह, श्री अनिल पांडेय सहित भाजपा जिला पदाधिकारी, मंडल पदाधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस सीधी में शहीदों को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने बताया कि विभाजन का समय केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की पीड़ा और विस्थापन की कहानी है। इस दिन का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से सीख दिलाना और देश की एकता को मजबूत करना है।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस सीधी से मिला एकजुटता का संदेश
भाषणों में यह संदेश दिया गया कि विभाजन की त्रासदी ने हमें यह सिखाया है कि आंतरिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट रहना ही हमारी शक्ति है। सभी ने संकल्प लिया कि देश की अखंडता और एकता के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस सीधी का ऐतिहासिक महत्व
यह दिवस न केवल इतिहास के जख्म याद दिलाता है, बल्कि यह भी बताता है कि कठिन परिस्थितियों में भी देशवासी एकजुट होकर आगे बढ़ सकते हैं। आयोजकों ने कहा कि विभाजन से जुड़ी कहानियों को संरक्षित कर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे दुखद घटनाक्रम दोबारा न हों।




