6 नवंबर तक RFID टैग नहीं लगवाया तो खनिज परिवहन पर लगेगी रोक, ई-खनिज पंजीयन भी होगा समाप्त

सीधी। खनिज के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए मध्यप्रदेश में अब खनिज परिवहन में लगे वाहनों पर RFID टैग लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन के निर्देशानुसार, 6 नवंबर 2026 तक टैग नहीं लगवाने वाले वाहनों का ई-खनिज पोर्टल से पंजीयन समाप्त कर दिया जाएगा। ऐसे वाहन खनिज परिवहन नहीं कर सकेंगे।
इसी को लेकर जिला खनिज अधिकारी कपिल मुनि शुक्ला के नेतृत्व में 18 अक्टूबर को खनिज विभाग की टीम ने विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान खनिज परिवहन में लगे वाहनों को रोककर चालकों और वाहन स्वामियों को नई व्यवस्था की जानकारी दी गई और समय-सीमा में RFID टैग लगवाने के लिए जागरूक किया गया।
RFID टैग से होगी वाहनों की निगरानी
विभाग के मुताबिक, कुछ वाहन चालक ई-चेक गेट से बचने के लिए नंबर प्लेट पर मिट्टी लगाते हैं, नंबर प्लेट बदलते हैं या दूसरे वाहनों के डुप्लीकेट नंबर का इस्तेमाल करते हैं। इन अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए RFID आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
नई व्यवस्था में RFID टैग और ई-ट्रांजिट पास (eTP) को आपस में लिंक किया जाएगा। ई-चेक गेट से वाहन गुजरने पर टैग स्कैन होगा और खनिज की मात्रा व प्रकार से संबंधित जानकारी कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी।
सीधी में दो ई-चेक गेट स्थापित
खनिज परिवहन की निगरानी के लिए जिले में बघवार और कोष्टा कोठार में ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, पिछले छह महीनों में जिले में खनिज के अवैध परिवहन के 156 प्रकरण दर्ज किए गए और संबंधित मामलों में जुर्माना लगाया गया।
खनिज विभाग ने वाहन स्वामियों और ठेकेदारों से अपील की है कि वे 6 नवंबर 2026 से पहले RFID टैग लगवाकर नई व्यवस्था का पालन करें। इससे खनिज परिवहन पर निगरानी मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।




