दुर्गा विसर्जन और दशहरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा में लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

सीधी। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 20 और 21 अक्टूबर को होने वाले आयोजनों के मद्देनजर अपर जिला दंडाधिकारी बी.पी. पाण्डेय ने सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों, जुलूस मार्गों, विसर्जन घाटों तथा रावण दहन स्थलों का पहले से निरीक्षण करने को कहा है। विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी, गोताखोर, बचाव दल और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, रावण दहन स्थलों पर अग्निशमन वाहन, दर्शकों के लिए सुरक्षित दूरी और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जुलूसों के निर्धारित मार्ग और समय को लेकर आयोजन समितियों से समन्वय किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग भी तय किए जाएंगे। इसके साथ ही खुले बिजली तारों, अस्थायी विद्युत कनेक्शनों और पंडालों की जांच कराने तथा प्रमुख आयोजन स्थलों पर एंबुलेंस व प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित सुरक्षित स्थलों का उपयोग कराने और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। आयोजन समितियों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों, समय-सीमा और अन्य वैधानिक प्रतिबंधों का पालन करने की जानकारी दी जाएगी।
अपर जिला दंडाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर कमियों को समय रहते दूर करने और तैयारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।




