सपा नेता जय सिंह राजू को सीधी विधानसभा से मिल सकता है क्लीन चिट!

सपा नेता जय सिंह राजू को सीधी विधानसभा से मिल सकता है क्लीन चिट!
*रिपोर्ट*👉 अरुण मिश्रा
सीधी, मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के कुछ ही महीने बाकी हैं ऐसे में चुनावी रणभूमि पर नेताओं की वाहे फड़क रही हैं कितना जल्दी चुनाव कराया जाए। क्योंकि सभी नेता अपनी अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। प्रदेश में बात करते हैं समाजवादी पार्टी की अस्तित्व की पार्टी में यूथ ब्रिगेड के प्रदेश महासचिव जय सिंह राजू ने जबसे मोर्चा संभाला है तब से पार्टी में एक नई ऊर्जा दिखने लगी है पार्टी को निर्णय लेना होगा कि आखिर सीधी में सपा पार्टी के कार्यकर्ता निष्क्रिय रहते थे और अब सक्रिय दिखाई देने लगे है।जय सिंह राजू ने सीधी नही बल्कि विंध्य क्षेत्र में जा जा पार्टी को मजबूत करने का काम किया जा रहा है समाजवादी पार्टी समाज के लिए हमेशा अच्छे कार्य करने के लिए जानी जाती है । क्योंकि जो पार्टी में कर्म और निष्ठा से लोग कम कर रहे हैं उन्हीं को हमेशा पार्टी जनता की सेवा करने का मौका देती है
बता दें की सीधी जिले में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जय सिंह राजू ने लगातार जनता के बीच में जाकर उनकी परेशानियां को टटोलने और उनके दुख दर्द को बांटने का लगातार सेवा कर रहे हैं ऐसे में समाजवादी पार्टी को एक बार सीधी जैसे शहर में मौका देना उचित कहलाएगा यदि समाजवादी पार्टी जय सिंह राजू को सीधी सीट से मौका देती है तो परिणाम कुछ अनुकूल हो सकते हैं हालांकि लोगों में खबर है कि यदि जो व्यक्ति पार्टी से बगावत करता है उसे यदि समाजवादी पार्टी टिकट देती है तो सपोर्ट नहीं किया जाएगा क्योंकि जनता के बीच तीसरे विकल्प की खोज है तीसरे विकल्प में यदि समाजवादी पार्टी सही व्यक्ति का चुनाव करती है तो मुकाबला रोमांचक हो सकता है।
हालांकि पार्टी पिछली बार नए कैंडिडेट के.के सिंह भमर साहब को चुनाव मैदान में उतरा था जैसे ही पार्टी ने भवर साहब को चुनाव मैदान में उतारा तभी पार्टी के कार्यकर्ता राम प्रताप यादव पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़कर के समाजवादी पार्टी के वोटरों का नुकसान किया जहां पार्टी प्लस की बजाय माइनस में रही क्या पार्टी इस बार ऐसे लोगों पर विश्वास कर सकती है यदि ऐसा होता है तो पार्टी के लिए नुकसान साबित होगा। पार्टी के ऐसे लोगों की तलाश थी की सही सारथी मिल जाए जो की निरंतर पार्टी में रहकर काम करें हालांकि जय सिंह राजू इन दोनों नेताओं में भारी पड़ सकते हैं क्योंकि गांव से लेकर शहर की जनता जय सिंह राजू की पसंद बनी हुई है पार्टी का क्या निर्णय होता है यह तो वक्त बताएगा।




