मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 15 जिलों को मिले नए एसपी; रीवा, सिंगरौली, मऊगंज शामिल

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव के तहत प्रदेश के 15 जिलों में नए पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की नियुक्ति की गई है। इसका उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत करना और जिलों में प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाना बताया गया है।
इन जिलों में बदले गए एसपी
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार भिंड, सागर, छतरपुर, मुरैना, रीवा, खंडवा, नीमच, आगर मालवा, सिवनी, दतिया, सीहोर, डिंडोरी, मंडला, सिंगरौली और दमोह सहित कई जिलों में नए एसपी तैनात किए गए हैं।
प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं:
- रीवा – गुरु करण सिंह
- छतरपुर – सकलेचा
- खंडवा – अनूप जैन
- नीमच – राजेश व्यास
- पांढुर्ना – प्रकाश चन्द्र परिहार
- आगर मालवा – दिलीप कुमार सैनी
- अनूपपुर – विक्रांत मुराव
- मऊगंज – सुरेन्द्र कुमार जैन
- डिंडोरी – आशीष खरे
- मंडला – राजेश रघुवंशी
- दतिया – मयूर खंडेलवाल
- सीहोर – सोनाक्षी सक्सेना
- सिंगरौली – शिराज केएम
- दमोह – आनंद कलादगी
- सिवनी – कृष्ण लांछनदानी
- झाबुआ – देवेंद्र कुमार पाटीदार




नए जिलों और संवेदनशील क्षेत्रों पर फोकस
मऊगंज और पांढुर्ना जैसे नवगठित जिलों में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करना नई चुनौती होगी। वहीं नीमच और झाबुआ जैसे सीमावर्ती व आदिवासी क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।
औद्योगिक और राजस्व क्षेत्रों पर नजर
सिंगरौली और दमोह जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों और अवैध खनन पर नियंत्रण नए अधिकारियों की प्राथमिकता होगी। इन क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत मानी जा रही है।
महिला अधिकारी को अहम जिम्मेदारी
सीहोर जिले में सोनाक्षी सक्सेना को एसपी बनाया गया है। इसे महिला अधिकारियों पर बढ़ते भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। राजधानी भोपाल से सटे इस जिले में वीआईपी मूवमेंट के चलते पुलिसिंग चुनौतीपूर्ण रहती है।
डीआईजी स्तर पर भी बदलाव
इस फेरबदल में कई अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए डीआईजी स्तर पर भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की कोशिश मानी जा रही है।




