समग्र आईडी से राशन कार्ड तक ‘रेट फिक्स’ का आरोप, सिहावल पंचायत में सचिव पर वसूली के गंभीर आरोप

सीधी। जिले के जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत कुनझुन कला में पंचायत सचिव पर ग्रामीणों से पैसे लेकर शासकीय कार्य करने के गंभीर आरोप लगे हैं। गांव के उमरिया टोला स्थित प्रजापत मोहल्ले की महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि समग्र आईडी, राशन कार्ड और कर्मकार कार्ड से जुड़े कार्यों के लिए खुलेआम पैसों की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत सचिव अशोक गौतम द्वारा समग्र आईडी में नाम जोड़ने, नाम अलग करने, बच्चों का नाम दर्ज करने और राशन कार्ड में नाम जुड़वाने जैसे कार्यों के बदले अलग-अलग रकम मांगी जाती है। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर महीनों तक काम लंबित रखा जाता है।
“6 महीने तक लटका रखा काम”
गांव निवासी महेश प्रजापति ने आरोप लगाया कि उनकी बहू का नाम समग्र आईडी में जोड़ने के लिए सचिव द्वारा 700 रुपये मांगे गए थे। उन्होंने बताया कि पैसे नहीं देने पर करीब 6 महीने तक उनका काम नहीं किया गया। बाद में रकम देने के बाद ही नाम जोड़ा गया।
महिलाओं ने लगाए वसूली के आरोप
गांव की निवासी सुनीता प्रजापति ने बताया कि समग्र आईडी से नाम अलग करवाने के लिए उनसे 500 रुपये लिए गए। वहीं बच्चों का नाम जोड़ने के लिए 200-200 रुपये तथा राशन कार्ड में नाम दर्ज कराने के लिए 500 रुपये की मांग की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत से जुड़े अधिकतर काम ग्राम मायापुर में संचालित एक कंप्यूटर दुकान के माध्यम से करवाए जाते हैं, जहां सचिव के कहने पर पैसे देने पड़ते हैं।
निशुल्क सेवाओं पर अवैध वसूली के आरोप
ग्रामीणों ने कहा कि शासन द्वारा निशुल्क किए जाने वाले कार्यों के लिए पैसे मांगना सीधे तौर पर गरीब परिवारों का शोषण है। लोगों का आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार दस्तावेजी कार्यों के लिए मजबूरी में रकम देने को विवश हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर हो रही कथित रिश्वतखोरी पर रोक लगाना जरूरी है, ताकि आम लोगों को बिना पैसे दिए सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ मिल सके।




