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सीधी को संभाग बनाने की पहल के लिए जनप्रतिनिधियों को लिखा गया पत्र

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सीधी को संभाग बनाने की पहल के लिए जनप्रतिनिधियों को लिखा गया पत्र

 

सीधी को संभाग बनाने की वर्षो से मांग की जा रही है लेकिन सीधी को संभाग बनाने के लिए कोई निर्णायक पहल अभी तक नहीं की गई जिस कारण सामाजिक कार्यकर्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता उदय कमल मिश्र ने जिले के जनप्रतिनिधियों श्रीमती रीती पाठक सांसद लोकसभा क्षेत्र सीधी, अजय प्रताप सिह सांसद राज्य सभा, केदारनाथ शुक्ल विधायक विधानसभा क्षेत्र सीधी, कमलेश्वर पटेल विधायक विधानसभा क्षेत्र सिहावल, कुंवर सिंह टेकाम विधायक विधानसभा क्षेत्र धौहनी सरतेन्दु तिवारी विधायक विधानसभा क्षेत्र चुरहट, श्रीमती मंजू रामजी सिंह अध्यक्ष जिला पंचायत सीधी, अजय सिंह राहुल भैया पूर्व नेता प्रतिपक्ष म.प्र. विधानसभा, विश्वामित्र पाठक पूर्व विधायक विधानसभा क्षेत्र सिहावल एवं जिम्मेदार नागरिकों को पत्र लिख कर कहां गया हैं कि 23 मई 2013 से हजारों पत्र मुख्यमंत्री को भेजकर सीधी को संभाग बनाने की मांग की गई थी, सीधी को संभाग बनाने के संदर्भ में जनप्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, समाजसेवियों, कर्मचारी, अधिकारीगण एवं मीडिया जगत के लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के पश्चात 31 जुलाई 2013 को उच्च विश्राम गृह सीधी में मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देने के पश्चात मुख्यमंत्री जी के द्वारा संभाग बनाने का आश्वासन दिया जिससे अभियान को विराम दिया गया। 31 जुलाई 2013 के पश्चात समय समय पर मुख्यमंत्री जी को सीधी संभाग बनाने के लिए ज्ञापन,पत्र दिए जा रहे हैं।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि 31 जुलाई 2013 के पश्चात आज तक सीधी को संभाग बनाने की मांग पर मुख्यमंत्री जी के द्वारा कोई पहल नहीं की गई। सीधी जिले के पूर्व के इतिहास को देखें तो 24 मई 2008 को सीधी जिले को दो भागों में विभक्त कर सिंगरौली को नया जिला बना दिया गया। 03/03/1982 के पूर्व सीधी जिले में गोपद बनास, देवसर एवं सिंगरौली तीन तहसीलें थी,यह जिला भौगोलिक एवं राजस्व की दृष्टि से म,प्र,का प्रमुख जिला माना जाता था, जहां गोपद बनास, देवसर तहसील में अपार धन सम्पदा थी वहीं पर सिंगरौली तहसील में खनिज संपदा का अपार भंडार था। सीधी जिले के गठन में सीधी जिले के साथ सीमा एवं राजस्व की दृष्टि से उपेक्षा की गई, सिंगरौली जिले में सिंगरौली एवं देवसर तहसील शामिल की गई जबकि सीधी जिले को एक मात्र गोपद बनास तहसील से संतोष करना पड़ा। वर्तमान सीधी जिला पुरानी गोपद बनास तहसील तक ही सीमित है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि सीधी की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शहडोल की भांति सीधी को संभाग का दर्जा दिया जाना जन आकांक्षाओं की पूर्ति होगी। सीधी को संभाग बनायें जाने की सभी अनुकूल परिस्थितियां हैं। मुख्यमंत्री जी के द्वारा क्षेत्रीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों की मांग पर मऊगंज को जिला स्थापित कर दिया गया है साथ ही मैहर को भी जिला बनाने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जनप्रतिनिधियों से उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए। सीधी जिले की जनता जनार्दन की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सीधी को संभाग का दर्जा प्राप्त हो इस हेतु यथोचित पहल करने की अनुकम्पा की गई है।

 

उदय कमल मिश्र

एडवोकेट सीधी


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