ईरान इजराइल हमला: सिर्फ 12 घंटे में जोरदार पलटवार, 200 मिसाइलें दागीं, अमेरिका ने संभाला मोर्चा

तेहरान/तेल अवीव। मध्य पूर्व में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। इजराइल की ओर से ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए गए हमले के ठीक 12 घंटे बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जबरदस्त मिसाइल हमला किया। करीब 65 मिनट तक चली इस कार्रवाई में 200 से अधिक मिसाइलें दागी गईं और 21 लोग घायल हो गए।
अमेरिका की तत्काल प्रतिक्रिया और सैन्य सहायता
जैसे ही हमला शुरू हुआ, अमेरिका ने अपने डिफेंस सिस्टम और फाइटर जेट्स को अलर्ट पर रख दिया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कतर में पहले से तैनात जेट्स ने हमले को रोकने में अहम भूमिका निभाई। यह हमला 1980 के दशक के बाद ईरान पर सबसे बड़ा सैन्य आक्रमण माना जा रहा है।
वॉर मिनिस्ट्री, एयरबेस और रणनीतिक ठिकाने निशाने पर
Mehr News की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने तेल अवीव स्थित इजराइली युद्ध मंत्रालय को सीधे निशाने पर लिया है। यही वह स्थान है जहां प्रधानमंत्री नेतन्याहू और शीर्ष सैन्य अधिकारी युद्ध रणनीतियां बनाते हैं। इसके अलावा कब्जे वाले इलाकों में स्थित एयरबेस और संचार ठिकानों पर भी हमले हुए।
नेतन्याहू की चेतावनी: यह शुरुआत है, जवाब जारी रहेगा
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल एक बड़े सैन्य अभियान के बीच है जिसका लक्ष्य देश को परमाणु खतरे और बैलिस्टिक मिसाइलों से मुक्त करना है। रक्षा मंत्री ने इसे नागरिक केंद्रों पर हमला बताकर “लाल रेखा पार” करने की बात कही है।
ट्रंप और नेतन्याहू की बातचीत, अमेरिका की गहरी नजर
व्हाइट हाउस के अधिकारी ने पुष्टि की कि नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दो दिनों में दूसरी बार फोन पर बात हुई। अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और किसी भी बड़े संघर्ष से बचाव के प्रयास में जुटा है।
अली खामेनेई और IRGC का बयान: “जायोनी शासन को जवाब मिल चुका है”
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने कहा कि ईरानी जनता सेना के साथ है और इस्लामी गणराज्य को जीत मिलेगी। IRGC ने कहा कि उन्होंने ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 3’ के तहत दर्जनों लक्ष्यों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है।




