सीधी में शिवसेना के प्रदर्शन पर भारी पुलिस बल तैनात, पुतला दहन से पहले रोके गए कार्यकर्ता

सीधी। जिले में गुरुवार को शिवसेना द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती चर्चा का विषय बन गई। केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने विथिका भवन और कलेक्ट्रेट मार्ग पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया और पुतला दहन नहीं हो सका।
महंगाई और बेरोजगारी को लेकर था प्रदर्शन
शिवसेना कार्यकर्ता महंगाई, बेरोजगारी और अन्य जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी पुतला लेकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तक बहस भी हुई, जिसके बाद प्रदर्शन निर्धारित क्षेत्र तक सीमित रहा।
भारी संख्या में तैनात रहा पुलिस बल
प्रदर्शन को देखते हुए चार थाना प्रभारी, दो एसडीओपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत वाटर कैनन और फायर ब्रिगेड के वाहन भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को एहतियाती कदम बताया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
शिवसेना ने लगाए आरोप
शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट तक जाने की अनुमति नहीं दी गई और विरोध प्रदर्शन को सीमित करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें निर्धारित क्षेत्र से आगे नहीं बढ़ने दिया गया।
प्रशासन का पक्ष आना बाकी
इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
घटना के बाद जिले में यह चर्चा शुरू हो गई है कि प्रदर्शन के दौरान की गई सुरक्षा व्यवस्था आवश्यकता के अनुरूप थी या अत्यधिक। वहीं, राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अब लोगों की नजर प्रशासन और पुलिस के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है।




