नशे के खिलाफ सीधी पुलिस का महा-प्रहार: एक साल में 1.97 करोड़ के नशीले पदार्थ और 1.48 करोड़ के वाहन जब्त

सीधी: नशे के कारोबार के खिलाफ सीधी पुलिस ने वर्ष 2025 में ऐसा निर्णायक प्रहार किया, जिसने तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ दी। ‘ऑपरेशन प्रहार 1.0 और 2.0’ के तहत जिलेभर में चलाए गए विशेष अभियानों में पुलिस ने 254 आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये के नशीले पदार्थ और वाहन जब्त किए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों ने पूरे साल नशा तस्करों के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की।
ऑपरेशन प्रहार 1.0: तस्करों के नेटवर्क पर पहली बड़ी चोट
1 अप्रैल से 26 अक्टूबर 2025 तक चले पहले चरण में पुलिस ने सूचना तंत्र मजबूत कर गांजा, नशीली कफ सिरप और स्मैक तस्करों पर कड़ा शिकंजा कसा।
इस दौरान:
75 मामलों में 106 आरोपी गांजा तस्करी में गिरफ्तार किए गए
288 किलो से अधिक गांजा और 16 वाहन जब्त किए गए
5,251 शीशी नशीली कफ सिरप, स्मैक और हजारों नशीली गोलियां बरामद हुईं
पहले चरण में कुल ₹51 लाख से अधिक का नशीला माल और ₹59 लाख से ज्यादा के वाहन जब्त किए गए।
ऑपरेशन प्रहार 2.0: साल के अंत में कार्रवाई और तेज
27 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक चले दूसरे चरण में पुलिस ने अभियान को और आक्रामक किया।
39 मामलों में 47 आरोपी गिरफ्तार
104 किलो गांजा और सैकड़ों शीशी कफ सिरप जब्त
लाखों रुपये मूल्य के वाहन भी कब्जे में लिए गए
पूरे वर्ष का हिसाब: 254 आरोपी जेल, करोड़ों की जब्ती
पूरे वर्ष 2025 के आंकड़े सीधी पुलिस की सख्ती को साफ दिखाते हैं:
NDPS एक्ट के 171 प्रकरण दर्ज
254 आरोपी सलाखों के पीछे
412 किलो गांजा, हजारों शीशी कफ सिरप, स्मैक व टैबलेट जब्त
42 वाहन (7 चार पहिया समेत) जब्त
कुल मिलाकर ₹1 करोड़ 63 लाख से अधिक का मशरुका पुलिस ने जब्त किया।
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अवैध शराब पर भी बड़ा वार
नशीले पदार्थों के साथ-साथ अवैध शराब के खिलाफ भी सीधी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की।
2,645 मामले दर्ज
2,654 आरोपी गिरफ्तार
₹1.22 करोड़ की अवैध शराब जब्त
विशेष रूप से थाना बहरी पुलिस ने अंतरराज्यीय तस्कर को ट्रक सहित पकड़कर 690 पेटी शराब (₹83 लाख) और ₹30 लाख का कंटेनर जब्त किया।
एसपी का साफ संदेश: 2026 में और सख्त कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उनके अनुसार, ऑपरेशन प्रहार के जरिए न केवल तस्करों को पकड़ा गया बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और आर्थिक आधार को भी ध्वस्त किया गया है।




