मध्य प्रदेश

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: तबादलों की अवधि बढ़ी, 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निजी हाथों में देने को मंजूरी

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Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों की समय-सीमा बढ़ाने, इंदौर मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी देने, स्वास्थ्य सेवाओं में निजी भागीदारी बढ़ाने तथा चिकित्सा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देने जैसे अहम निर्णय लिए गए।

तबादलों के लिए मिला एक दिन का अतिरिक्त समय

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कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण की अंतिम तिथि बढ़ाने का फैसला किया है। अब विभाग मंगलवार रात 12 बजे तक तबादला आदेश जारी कर सकेंगे।

सरकार ने पहले स्थानांतरण की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की थी, लेकिन कई विभागों में लंबित मामलों को देखते हुए अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इससे बड़ी संख्या में लंबित तबादला प्रकरणों के निपटारे का रास्ता साफ हो गया है।

 

इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत में बड़ा इजाफा

मंत्रिपरिषद ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत को भी मंजूरी प्रदान की। वर्ष 2017 में इस परियोजना की अनुमानित लागत 7,515 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 12,900 करोड़ रुपये हो गई है।

सरकार के अनुसार परियोजना के एलाइनमेंट में बदलाव तथा कुछ हिस्सों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) किए जाने के कारण लागत में वृद्धि हुई है। लगभग 31 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क के लिए संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

जबलपुर में होगा योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम

कैबिनेट बैठक में बताया गया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जबलपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन निजी भागीदारी से होगा

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने नई पायलट परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत रीवा, देवास और गुना जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन निजी भागीदारी मॉडल पर किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि कई स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्टाफ की कमी है। ऐसे में निजी संस्थाएं डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य संसाधनों की व्यवस्था कर अस्पतालों का संचालन करेंगी।

हालांकि अस्पताल भवन, जमीन और अन्य परिसंपत्तियां शासन के स्वामित्व में ही रहेंगी तथा दवाओं की उपलब्धता भी सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

अस्पताल खोलने वाली संस्थाओं को मिलेगी जमीन

कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि यदि कोई परोपकारी या सामाजिक संस्था प्रदेश में अस्पताल स्थापित करना चाहती है तो सरकार उसे भूमि उपलब्ध कराने पर विचार करेगी। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक उपकरणों और मशीनों हेतु पूंजीगत अनुदान भी दिया जाएगा।

पांच मंत्रियों की समिति करेगी निगरानी

स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी भागीदारी की नई व्यवस्था के लिए सरकार ने पांच मंत्रियों की समिति गठित की है। यह समिति योजना के मापदंड, संचालन प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था तय करेगी।

समिति में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल सहित मंत्री राकेश सिंह, चेतन्य काश्यप, नरेंद्र शिवाजी पटेल और राधा सिंह को शामिल किया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को उपचार की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी।

कैबिनेट के प्रमुख फैसले

  • तबादलों की समय-सीमा बढ़ाकर रात 12 बजे तक की गई
  • इंदौर मेट्रो की संशोधित लागत 12,900 करोड़ रुपये मंजूर
  • जबलपुर में होगा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम
  • रीवा, देवास और गुना के 18 सीएचसी निजी भागीदारी मॉडल पर संचालित होंगे
  • अस्पताल स्थापित करने वाली संस्थाओं को मिलेगी जमीन
  • स्वास्थ्य परियोजना की निगरानी के लिए पांच मंत्रियों की समिति गठित

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