विंध्य में भाजपा की बड़ी हलचल: 72 घंटे में नए जिलाध्यक्षों का ऐलान, जातीय संतुलन और महिला शक्ति पर फोकस!

भाजपा ने विंध्य क्षेत्र में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। अगले 72 घंटे के भीतर पर्यवेक्षक जिलेवार भाजपा कार्यालयों में पहुंचकर नए जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा करेंगे।
संभावनाएं और रणनीति
1. वर्तमान जिलाध्यक्षों का दोबारा चयन
– मैहर, मऊगंज और सीधी में वर्तमान जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका मिलने की संभावना है।
– पार्टी इस बार जातीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए नाम तय करेगी।
2. रीवा और अन्य जिलों की भूमिका
– रीवा और अन्य जिलों में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की पसंद निर्णायक होगी।
– महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सीधी जिले की स्थिति
सीधी जिले में दो नामों पर चर्चा प्रमुखता से हो रही है:
1. देव कुमार सिंह
– यदि विधायकों की राय मानी जाती है, तो देव कुमार सिंह का दोबारा चयन संभव है।
2. धर्मेंद्र सिंह परिहार
– धर्मेंद्र सिंह परिहार, जो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और सांसद डॉ. राजेश मिश्र के करीबी हैं, भी संभावित दावेदार हैं।
अन्य संभावित नामों:
ब्राह्मण समुदाय (बिप्र): डॉ. देवेन्द्र त्रिपाठी, मनोज मिश्र, आशीष मिश्र, सुधीर शुक्ल, और प्रमोद द्विवेदी।
– ओबीसी कोटा: पूनम सोनी, राजमणि शाहू, और राम प्रसाद वैश्य।
घोषणा की तिथि
सीधी जिले के भाजपा कार्यालय में 15 जनवरी को दोपहर तक पर्यवेक्षक द्वारा जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की जाएगी।
निष्कर्ष:
भाजपा स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने के साथ ही जातीय और सामाजिक संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। विशेष रूप से सीधी जिले में विभिन्न गुटों और नेताओं की पसंद अंतिम निर्णय को प्रभावित करेगी।




