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जिला चिकित्पालय को निजी हांथों में बेंचने की प्रक्रिया चल ही रही है लेकिन उसके पहले भती प्रक्रिया को लेकर भी मनमानी का आरोप भी सामने आया है।

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जिला चिकित्पालय को निजी हांथों में बेंचने की प्रक्रिया चल ही रही है लेकिन उसके पहले भती प्रक्रिया को लेकर भी मनमानी का आरोप भी सामने आया है।

 

 

 

नोटों के सोर्स में आउटसोर्सिंग भर्ती एजेन्सी सेडमैप से अस्पताल प्रबंधन द्वरा सेटिंग कर भर्ती कराने का क्या रखेल होता है। नोट के सोर्स वालों की जिला अस्पताल में आउटसोर्सिंग से भर्तियां होती है। यह बड़ा सवाल उठ रहा है।

 

बताते चलें कि जिला अस्पताल के तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र सिंह द्वारा 30 सितम्बर 2022 को 6 सदस्यीय कमेटी का गठन कर रचना सिंह, कामिनी सिंह, विनीत सिंह एवं संदेश सिंह से सीधे आवेदन प्राप्त कर नियुक्ति कर दी गई।

 

जबकि दिनांक 3 अक्टूबर 2022 को कलेक्टर द्वारा टीप लिखी गई थी कि आउटसोर्स के माध्यम से स्टाफ की पूर्ति की जाय। उक्त नियुक्ति के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर द्वारा 9 मई 2023 को 4 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। जांच कमेटी में सीईओ जिला पंचायत, एसडीएम गोपदवनास, आरएमओ एवं अन्य शामिल थे। जांच कमेटी ने पाया कि तत्कालीन सिविल सर्जन द्वारा सीधे आवेदन प्राप्त कर पती प्रक्रिया को पूरी करायी गयी है। जिस पर कलेक्टर ने दिनांक 22 जनवरी 2024 को कार्रवाई के लिये निर्देशित किया। जिस पर तत्कालीन प्रभारी सिविल सर्जन दीपारानी इसरानी द्वरा सभी नियुक्तियों को अपने हस्ताक्षर से 25 जनवरी 2024 को निरस्त कर दिया गया। फिर हेल्पडेस्क के नये कर्मचारियों में सेडमैप के माध्यम से शाहरूप खान, हेममणि शर्मा, सूरज सिंह, संदीप कुमार पटेल को नियुक्ति कर दिया गया। उक्त कार्रवाई पर सभी निष्कासित कर्मचारियों ने हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका डब्ल्यूपी क्रमांक 3150/2024 दायर कर दिये। निष्कासित कर्मचारियों द्वरा प्रभारी सिविल सर्जन एवं सहायक प्रबंधक पंकज सिंह बघेल पर गंभीर आरोप लगाये गये है।

 

सिविल सर्जन सहित कुछ लोगों पर लेने-देन का लगा आरोप

 

जिला अस्पताल में पूर्व में आउटसोर्स कम्पनी के माध्यम से हेल्पडेस्क के 4 कर्मचारियों की नियुक्ति में नियमों का पालन न होने का तथ्य गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में सामने आया था। जांच कमेटी ने कहा था कि निष्कासित कर्मचारियों के प्रतिवेदन में यह प्रतीत होता है कि भर्ती और निष्कासन की प्रक्रिया में चार विभागीय अमला शामिल है। जिसमें सहायक ग्रेड-2 बालेन्द्र बहादुर सिंह, प्रभारी सिविल सर्जन दीपारानी इसरानी एवं सहायक प्रबंधक पंकज सिंह बघेल, सेडमैप प्रभारी इसराइल खान पर लेन-देन का आरोप लगाया गया है।

 

इनका कहना है

 

जिला अस्पताल में पूर्व में आउटसोर्स से 4 कर्मचारियों की भतीं अवैधानिक होने से जांच में निरस्त हो गई हैं। इनके स्थान पर नियमानुसार दूसरी भर्ती भी हो चुकी है। अब 8-10 नियुक्तियां विभित्र पदों के लिये आउटसोर्स के माध्यम से फिर होनी है लेकिन आउटसोर्स हेड के निलंबित हो जान से यह प्रक्रिया रूक गई है।

 

डॉ. दीपारानी इसरानी,

 

सिविल सर्जन, जिला अस्पताल सीधी

 

जिला अस्पताल में यदि आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती होनी है तो उसके लिये अनुभव के आधार पर जिला स्तर से अभ्यर्थियों के नाम उनके यहां भेजे जा सकते है किन्तु चयन के लिये हमारी कमेटी परीक्षण के बाद ही अंतिम निर्णय करती है।

 

पीके श्रीवास्तव,

नोडल आफीसर सेडमैप भोपाल

 


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