यौन हिंसा की रोकथाम में एसडीओपी सिरमौर ने निभाई अहम भूमिका

यौन हिंसा की रोकथाम में एसडीओपी सिरमौर ने निभाई अहम भूमिका
*सिरमौर एसडीओपी को जिम्मेदार मर्दानगी अभियान के तहत सराहनीय कार्य पर पीएचक्यू द्वारा प्रशंसा पत्र देकर दी बधाई*
*रीवा।* जिले के एसडीओपी सिरमौर उमेश प्रजापति द्वारा यौन हिंसा की रोकथाम में उत्कृष्ट भूमिका का निर्वहन करने पर पीएचक्यू द्वारा उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया है। सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा हेतु जिम्मेदार मर्दानगी अभियान के तहत यौन हिंसा की रोकथाम, लैंगिक संवेदनशीलता एवं सामाजिक सुरक्षा विषय पर पिछले दिनों मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी भौरी भोपाल में दो दिवसीय टीओटी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देश में बढ़ते हुए लैंगिक अपराधों, सामाजिक सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत नगर एवं ग्राम रक्षा समितियों का प्रभावी उपयोग कर सामाजिक चेतना को जागृति करने एवं समाज में यौन हिंसा के प्रति विशेषकर पुरुषों को सचेत करने हेतु प्रदान किया गया। एसडीओपी सिरमौर उमेश प्रजापति द्वारा दो दिवसीय टीओटी प्रशिक्षण में संभाग के समस्त एनजीओ के साथ मिलकर जिला स्तर पर ग्राम एवं नगर रक्षा समिति सदस्यों का प्रभावी उपयोग कर जनता में सामाजिक चेतना एवं यौन हिंसा के प्रति जागरूक करने हेतु क्षमता विकास कार्यवाही में प्रशिक्षण के दौरान अग्रणी भूमिका निभाई गई। अपनी भूमिका से पुलिस को जनोन्मुखी बनाने व महिला हिंसा रोकने हेतु प्रतिबद्धता प्रदर्शित कर एक जिम्मेदार पुलिस नेतृत्वकर्ता एवं संवेदनशीलता के गुण परिलक्षित होने पर एसडीओपी सिरमौर उमेश प्रजापति की प्रशंसा की गई है। सराहनीय कार्य को देखते कम्युनिटी पुलिसिंग भोपाल के डीआईजी विनीत कपूर ने कार्यशाला में प्रदर्शित व्यवसायिक दक्षता की प्रशंसा करते हुए आशा व्यक्त की है कि भविष्य में भी इसी प्रकार जिम्मेदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस को जनोन्मुखी बनाने में अपना योगदान देकर अधीनस्थों को भी प्रेरित करते रहेंगे।




