दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा व 15,000 रू. जुर्माना

दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा व 15,000 रू. जुर्माना
बताया गया कि अवयस्क अभियोक्त्री ने थाना अमिलिया में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह आरोपी अमरीश रजक उर्फ बाटला को 2 महीने से जानती है। दिनांक 18.10.2022 को समय करीबन 12:00 बजे बाटला ने उसे फोन से घर के पास बुलाया तब वह 04:30 बजे अपने घर से कुछ दूरी पर गई, जहां आरोपी आया और उसका हाथ पकड़ कर उसके साथ घूमने चलने के लिए बोला, अभियोक्त्री के मना करने पर आरोपी ने अभियोक्त्री को दो थप्पड़ मारे और उसे जबरदस्ती धुमा के पास जंगल में ले जाकर उसके साथ गलत काम (बलात्कार) किया और उससे बोला कि वह उससे शादी करेगा। आरोपी पीडि़ता को अपने घर ले गया, वहां पर आरोपी के चाचा ने पीड़िता के भाई को फोन लगाकर बताया तब उसका भाई आकर उसे घर ले गया। उक्त रिपोर्ट पर थाना अमिलिया जिला सीधी में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्र. 510/2022 अंतर्गत धारा 376(1), 323 भा.दं.सं. एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट का दर्ज किया गया एवं प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 178/22 में शासन की ओर से शसक्त पैरवी करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा द्वारा मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त अमरीश रजक उर्फ अवनीश उर्फ बाटला पिता जयकिशोर रजक उम्र लगभग 21 वर्ष, निवासी ग्राम पहाड़ी थाना अमिलिया जिला सीधी (म0प्र0) को धारा 363, 376(1) भादवि के आरोप में कुल 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 15,000/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया गया। साथ ही अर्थदण्ड की कुल धनराशि रूपये 15,000/- रूपये (पन्द्रह हजार रूपये मात्र) अभियोक्त्री को धारा 357(1)(B) द.प्र.स. के प्रावधानों के अनुसार अपील अवधि पश्चात अपील न होने की स्थिति में अभियोक्त्री को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किये जाने का भी आदेश पारित किया गया।
(2) : *नाबालिग के साथ छेडछाड के आरोपी को 3 माह की सजा*:
बताया गया कि दिनांक 19.12.2022 को लगभग 11:00 बजे अभियोक्त्री की माँ अपने पति के साथ मझौली बैंक आई हुई थी और बैंक से काम करा कर अपने पति के साथ करीब 12:00 बजे घर पहुंची और देखी कि उसकी लड़की/अभियोक्त्री उम्र 06 वर्ष घर पर नहीं थी, घर का दरवाजा बाहर से बंद था और बगल के भूसा वाले कमरे में अभियुक्त रामसिया साकेत उसकी लडकी के साथ दुष्कर्म के इरादे से घुसा था और दरवाजा अंदर से बंद किया था। तब वह उसे पकड़ कर बाहर ले आई और पूछने लगी कि वह सूने घर में उसकी लड़की को लेकर अंदर क्यो घुसा था, इतने में आरोपी हाथ झटक कर पास में रखे फावड़े के बेंट से उसे मारा, जिससे उसके गांवा से खून बहने लगा, हल्ला गोहार करने पर आरोपी वहां से भाग गया। घटना की सूचना पर थाना मझौली में अभियुक्त के विरुद्ध अपराध क्र. 1229/2022 अंतर्गत धारा 354(क), 451, 342, 323 भा.दं.सं. एवं 9एम/10 पॉक्सो एक्ट की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई एवं प्रकरण में विवेचना में लिया गया एवं विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) सीधी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके न्यायालयीन सत्र प्रकरण क्रमांक 38/23 में शासन की ओर से शसक्त पैरवी करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती भारती शर्मा द्वारा मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट सीधी की न्यायालय के द्वारा अभियुक्त रामसिया साकेत पिता केशनी प्रसाद उर्फ ढोकबा साकेत उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम जमुआ नं. 2 थाना मझौली जिला सीधी (म0प्र0) को धारा 354(क), 342, 451, 323 भादवि एवं धारा 12 पॉक्सो एक्ट के आरोप में कुल 03 माह के कठोर कारावास एवं 200/- रू. अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया गया।
मीडिया सेल प्रभारी
जिला अभियोजन कार्यालय, सीधी (म.प्र.)




