NH-39 चौड़ीकरण से प्रभावित परिसंपत्तियों की होगी संयुक्त जांच, 7 दिन में देना होगा रिपोर्ट

सीधी। राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) के चौड़ीकरण से प्रभावित ग्रामीणों की भूमि एवं परिसंपत्तियों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए प्रशासन ने संयुक्त जांच दल गठित किया है। प्रभावित हितग्राहियों द्वारा बार-बार शिकायतें सामने आने के बाद उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी गोपद बनास प्रिया पाठक ने यह कार्रवाई की है।
NH-39 चौड़ीकरण से प्रभावित पांच गांवों में होगी जांच
संयुक्त जांच दल द्वारा बढ़ौरा, कठौतहा, मिर्चवार, जमोड़ी सेगरान और सोनवर्षा गांवों में राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित भूमि और उस पर स्थित परिसंपत्तियों की जांच की जाएगी। शिकायतों में विभिन्न परिसंपत्तियों से संबंधित मामलों को उठाया गया है।
प्रशासन के आदेश के अनुसार जांच राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। इसके लिए तहसीलदार गोपद बनास की अध्यक्षता में जांच दल गठित किया गया है, जबकि नायब तहसीलदार गोपद बनास को सहायक बनाया गया है।
कई विभागों के अधिकारी जांच दल में शामिल
जांच दल में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति के साथ राजस्व निरीक्षक सेमरिया, संबंधित हल्का पटवारी, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री तथा वन विभाग के रेंजर के प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया है।
इससे प्रभावित परिसंपत्तियों का विभिन्न विभागों के स्तर पर संयुक्त रूप से भौतिक एवं अभिलेखीय परीक्षण किया जाएगा।
अभिलेखों में गड़बड़ी मिली तो होगा सुधार
उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी ने तहसीलदार गोपद बनास को राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग सीधी से समन्वय स्थापित कर संबंधित परिसंपत्तियों का संयुक्त निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान यदि किसी मामले में लिपकीय त्रुटि या अभिलेखों में विसंगति सामने आती है तो जांच दल को आवश्यक सुधार के संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदन तैयार करना होगा।
सात दिन में देना होगा जांच प्रतिवेदन
प्रशासन ने जांच दल को संयुक्त निरीक्षण की कार्रवाई पूरी कर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी गोपद बनास के कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि संयुक्त जांच के माध्यम से प्रभावित हितग्राहियों की शिकायतों का तथ्यात्मक परीक्षण किया जाएगा और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




