किसानों के लिए बड़ी राहत: अब घर-घर पहुंचेगी खाद, MP के तीन जिलों में शुरू होगी नई सुविधा

मध्यप्रदेश। ई-टोकन उर्वरक वितरण प्रणाली के तहत अब किसानों को एक और बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। अब खाद की बुकिंग के दौरान किसान होम डिलीवरी के लिए भी बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान से न्यूनतम किराया लिया जाएगा। फिलहाल यह सुविधा डबल लॉक केंद्र के पांच किलोमीटर के क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत विदिशा के अलावा शाजापुर और जबलपुर में इस सुविधा को शुरू करने की तैयारी है। डबल लॉक केंद्रों के आसपास के गांवों को चिन्हित किया गया है ताकि सीमांत किसानों को इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ मिल सके। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभकारी होगी, क्योंकि उनके पास ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे वाहन नहीं होते और उन्हें खाद लाने के लिए किराए पर वाहन लेना पड़ता है।
वर्तमान में पांच किलोमीटर दूर तक खाद की बोरियां पहुँचाने के लिए ऑटो चालक 500 रुपये तक किराया वसूलते हैं। यदि किसी सीमांत किसान को कम मात्रा में खाद ले जानी हो तो किराया और भी महंगा पड़ जाता है। इस नई योजना से सीमांत किसानों को महंगे किराए से मुक्ति मिलेगी और उनका समय भी बचेगा।
प्रदेश के तीनों जिलों में एक-एक केंद्र पर योजना शुरू की जाएगी। विदिशा में रामलीला मैदान के पास स्थित डबल लॉक केंद्र के आसपास आठ गांव चिन्हित किए गए हैं। यदि योजना सफल रही तो इसे प्रदेश भर में लागू किया जा सकता है।
कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक केएस खपेड़िया ने बताया कि फिलहाल एक केंद्र के अंतर्गत आने वाले आठ गांव चिन्हित कर लिए गए हैं और जल्दी ही इस योजना को शुरू किया जा सकता है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद आसानी से उनके घर तक मिल पाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना से न केवल किसानों का समय और मेहनत बचेगी, बल्कि उनके उत्पादन और फसल प्रबंधन में भी सुधार होगा। योजना की सफलता प्रदेश में कृषि क्षेत्र में डिजिटल और आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




