रिश्वत लेते पकड़ा गया एसडीओ – लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई से सरकारी तंत्र में हड़कंप

मंडला। जनजातीय कार्य विभाग के सहायक यंत्री रिश्वत लेते पकड़ा गया एसडीओ नरेंद्र कुमार गुप्ता, जब लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को जाल बिछाकर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई। शिकायत नारायणगंज मंडला निवासी रोशन कुमार तिवारी ने दर्ज कराई थी।
रिश्वत लेते पकड़ा गया एसडीओ, 56 हजार की मांग में फंसा
शिकायतकर्ता रोशन कुमार तिवारी की फर्म बोरिंग बिल्डर्स ने वर्ष 2024 में विभागीय रिपेयर और मेंटेनेंस का कार्य किया था। करीब 16 लाख रुपये का भुगतान अटका हुआ था। इसी के एवज में एसडीओ गुप्ता ने 56 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
रिश्वत लेते पकड़ा गया एसडीओ लोकायुक्त टीम के जाल में
लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने निरीक्षक राहुल गजभिये के नेतृत्व में जाल बिछाया। जैसे ही आवेदक ने 20 हजार रुपये दिए, अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र यादव, शशिकला मस्कुले और उप निरीक्षक शिशिर पांडेय भी शामिल रहे।
रिश्वत लेते पकड़ा गया एसडीओ पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
आरोपी एसडीओ नरेंद्र गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत केस दर्ज किया गया। लोकायुक्त का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्ट अधिकारियों को चेतावनी है कि भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा।
रिश्वत लेते पकड़ा गया एसडीओ मामले से जनता में उम्मीद
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कदम से विभागीय कर्मचारियों में ईमानदारी और अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, सरकारी भुगतान के एवज में घूसखोरी की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा। क्षेत्रवासियों ने लोकायुक्त की कार्रवाई को पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया।




