सीधी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: लापता तीन नाबालिक किशोरियों को सकुशल परिजनों से मिलाया, अपहरण की आशंका बनी चिंता का कारण

सीधी: जिले में पुलिस द्वारा की गई त्वरित और सटीक कार्रवाई के तहत तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों से लापता हुईं नाबालिक किशोरियों को सीधी पुलिस ने सकुशल दस्तयाब किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने जहां परिजनों को राहत दी, वहीं संभावित अपहरण की आशंका भी चिंता का कारण बनी रही।
तीन नाबालिक किशोरियों को सीधी पुलिस ने खोजा चौकी खड्डी के मामले में
चौकी खड्डी अंतर्गत थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र की एक किशोरी दिनांक 03.03.2025 को अचानक लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा दर्ज रिपोर्ट में किसी व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई गई थी। मामले में तत्परता दिखाते हुए सीधी पुलिस ने नाबालिक किशोरी को दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा।
इस सफलता में सहायक उप निरीक्षक नीरज साकेत, आरक्षक वेद प्रकाश और साइबर सेल के आरक्षक प्रदीप मिश्रा व कृष्णमुरारी द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
तीन नाबालिक किशोरियों को सीधी पुलिस ने खोजा कमर्जी थाने में तत्परता से
थाना कमर्जी में 28.05.2025 को दर्ज शिकायत में एक किशोरी के लापता होने की जानकारी दी गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर सीधी पुलिस ने नाबालिक किशोरी को खोजकर परिजनों को सौंपा।
कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक विवेक द्विवेदी, एएसआई मनोज वर्मा एवं महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत ने सराहनीय भूमिका निभाई।
तीन नाबालिक किशोरियों को सीधी पुलिस ने खोजा अमिलिया थाने में घंटों में
थाना अमिलिया क्षेत्र में 06.08.2025 को एक किशोरी के अपहरण की आशंका जताई गई थी। रिपोर्ट मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार बैस ने तत्काल टीम गठित कर सीधी पुलिस ने कुछ ही घंटों में नाबालिक किशोरी को दस्तयाब कर लिया।
इस कार्रवाई में प्र.आर. राजेन्द्र सिंह, प्र.आर. विक्रम सिंह, आरक्षक दीपेन्द्र, संदीप चतुर्वेदी और साइबर सेल टीम ने सराहनीय तत्परता दिखाई।
तीन नाबालिक किशोरियों को सीधी पुलिस ने सौंपा परिजनों को, सराहनीय सहयोग से
तीनों मामलों में सीधी पुलिस ने नाबालिक किशोरियों को न केवल सुरक्षित दस्तयाब किया बल्कि विधिक प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंपा, जिससे उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली। साइबर सेल की भूमिका खासतौर पर महत्वपूर्ण रही, जिसने तकनीकी सहायता से मामलों को जल्द सुलझाने में मदद की।




