पटवारी रिश्वत मामला: ACB की जबरदस्त कार्रवाई, दो अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ा गया

धौलपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की टीम ने मंगलवार को एक के बाद एक दो बड़ी कार्रवाइयां कीं। पहली कार्रवाई में पटवारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हुआ। धौलपुर जिले की एसीबी चौकी ने डीग जिले के पहाड़ी तहसील के सौमका पटवार हल्के में तैनात पटवारी प्रवीण कुमार को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
पटवारी रिश्वत के लिए कर रहा था परेशान
शिकायतकर्ता के अनुसार, पटवारी जमीन की पैमाइश के लिए 40 हजार रुपये की मांग कर रहा था। लगातार परेशान होने के बाद शिकायत एसीबी को दी गई। एसीबी ने गोपनीय तरीके से सत्यापन किया, जिसमें अधिकारी 35 हजार में सौदा तय करने पर तैयार हो गया। ट्रैप की कार्रवाई के दौरान आरोपी पटवारी 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया।
पटवारी रिश्वत मामला दर्ज, पूछताछ जारी
एसीबी ने रिश्वत की रकम जब्त कर ली है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीबी डीजीपी रवि प्रकाश मेहरडा ने बताया कि शिकायत 22 मई को दर्ज हुई थी। इसके बाद टीम ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। अब आगे की जांच में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच की जाएगी।
पटवारी रिश्वत केस से पहले उदयपुर में एएसआई पकड़ा गया
इसी दिन एसीबी की दूसरी बड़ी कार्रवाई उदयपुर में हुई। प्रतापनगर थाने में तैनात एएसआई राजेश कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। वह एक केस से शिकायतकर्ता और उसकी कार का नाम हटाने के बदले 15 हजार रुपये की मांग कर रहा था। पैसे न देने पर जेल भेजने की धमकी दी गई थी।
पटवारी रिश्वत और एसीबी की सख्ती का असर
राज्य में लगातार सामने आ रहे पटवारी रिश्वत जैसे मामलों पर एसीबी की सख्त निगरानी बनी हुई है। हालिया गिरफ्तारियों से यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सरकार और एजेंसियां जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही हैं। जनता को चाहिए कि ऐसे मामलों में निडर होकर शिकायत दर्ज कराएं ताकि भ्रष्ट अधिकारी कानून के शिकंजे में आ सकें।




