*जंगली सुअर का शिकार करने वाले आरोपीगणों को 03-03 वर्ष का कठोर कारावास एवं दस-दस हजार रू. जुमार्ने की सजा

: *जंगली सुअर का शिकार करने वाले आरोपीगणों को 03-03 वर्ष का कठोर कारावास एवं दस-दस हजार रू. जुमार्ने की सजा* :
घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 18.02.2015 को 09-10 बजे ग्राम अकला में अभियुक्तगण 1. जग्यसेन साकेत तनय महावीर साकेत, उम्र 45 वर्ष, पेशा मजदूरी 2. सत्यलाल साकेत तनय श्री शम्भू साकेत, उम्र 28 वर्ष, पेशा मजदूरी 3. शंकर साकेत तनय नाथू साकेत, उम्र 64 वर्ष, पेशा मजदूरी 4. लक्ष्मण साकेत तनय श्री गलन्दी साकेत, उम्र 55 वर्ष, पेशा मजदूरी 5. सुखलाल साकेत तनय श्री गंभीरे साकेत उम्र 40 वर्ष, पेशा मजदूरी 6. बंशपती साकेत तनय कुंआरे साकेत, उम्र 60 वर्ष, पेशा मजदूरी, सभी निवासी ग्राम अकला, थाना बहरी, जिला सीधी, (म.प्र.) द्वारा ग्राम अकला के पास अधिहवा बांध की मेड़ पर जंगल कक्ष क्रमांक पी 922 एवं 916 में मोटर सायकल में फंदा लगाकर जंगली सुअर का अवैध शिकार किया गया एवं शिकार के बाद ग्राम अकला हरिजन बस्ती में अभियुक्त जग्यसेन साकेत के घर जंगली सुअर को काट कर हिस्सा बांट रहे थे। वन परिक्षेत्र कुबरी के दलबल को देख कर कुछ लोग मौके पर भाग दिये। मौके पर से सुअर का मांस, कुल्हाड़ी, फंदा एवं मिट्टी सुपुर्दगी में ली जाकर सुपुर्दगी पंचनामा बनाया गया तथा आरोपीगण को गिरफ्तार किया गया। अनुसंधान पूर्ण कर पी.ओ.आर. के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करते हुए सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती पूजा गोस्वामी द्वारा अभियुक्तगण को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया एवं माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीधी की न्यायालय के द्वारा आरोपीगण को धारा 9/51 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 में तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000/-10,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।




