छात्रा की संदिग्ध मौत से छात्रावास में हड़कंप – आत्महत्या या हत्या? सीधी में गहराई से जांच शुरू

सीधी। जिले के मैथिली बालिका छात्रावास क्रमांक-1 में छात्रा की संदिग्ध मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। रविवार शाम को ग्यारहवीं की छात्रा कल्पना जायसवाल का शव खिड़की से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। खिड़की की ऊंचाई मात्र साढ़े चार फीट बताई गई है, जबकि शव का अधिकांश हिस्सा जमीन पर था। इन परिस्थितियों ने छात्रा की संदिग्ध मौत को और रहस्यमयी बना दिया है।
छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद दीवार पर मिला धमकी भरा संदेश
घटना स्थल पर पुलिस को कमरे की दीवार पर “सब मरोगे” लिखा धमकी भरा संदेश मिला, जिससे छात्रा की संदिग्ध मौत के पीछे कोई गहरी साजिश होने की आशंका बढ़ गई है।
घटना के समय छात्रावास की बाकी छात्राएं बाहर थीं। जब वे लौटीं, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। जबरन दरवाजा खोलने पर छात्रा का शव खिड़की से लटका हुआ पाया गया।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, मांगी निष्पक्ष जांच
मृतका के पिता पुरुषोत्तम जायसवाल ने इस मौत को आत्महत्या मानने से इंकार किया है। उनका कहना है कि बेटी शांत स्वभाव की थी और किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने कहा कि “यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या हो सकती है।”
परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
छात्रा की संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने जुटी पुलिस
घटना की सूचना पर कोतवाली थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना गया, लेकिन खिड़की की ऊंचाई और शव की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और एफएसएल टीम से वैज्ञानिक जांच भी कराई जा रही है ताकि छात्रा की संदिग्ध मौत की सच्चाई सामने आ सके।
छात्राओं और वार्डन के बयान होंगे अहम सबूत
पुलिस ने बताया कि मृतका अपने कमरे में पांच सहेलियों के साथ रहती थी। घटना के समय बाकी चार छात्राएं छुट्टी या बाजार गई थीं। अब वार्डन, छात्राएं और कर्मचारियों से बयान लिए जा रहे हैं, ताकि घटनाक्रम की वास्तविक जानकारी सामने आ सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि छात्रा की संदिग्ध मौत आत्महत्या है या हत्या।
छात्रावास परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं अभिभावकों में अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।




