रीवा-सीधी हाईवे चौड़ीकरण: 4 लेन बनेगी सड़क, 21 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक

रीवा। रीवा-सीधी हाईवे अब दो लेन से बढ़कर चार लेन का बनने जा रहा है। यह बदलाव क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को तो सुगम बनाएगा ही, साथ ही सड़क किनारे बसे गांवों के लिए कुछ चिंता का विषय भी है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सड़क परिवहन मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल चुकी है। पूर्व में प्रस्तावित बायपास को हटाकर पुरानी सड़क का ही चौड़ीकरण होगा।
रीवा-सीधी हाईवे का होगा चौड़ीकरण
रीवा-सीधी हाईवे का फोरलेन निर्माण लंबे समय से मांग का विषय बना हुआ था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिसंबर 2022 में मोहनिया घाटी में आयोजित समारोह में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। अब यह हाईवे अधिक सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए तैयार किया जाएगा। कुछ स्थानों पर एक तरफ की नई सड़क बनाई जाएगी तो कुछ जगहों पर दोनों ओर भूमि अधिग्रहण होगा।
रीवा-सीधी हाईवे से जुड़ी जमीनों पर लगी रोक
हाईवे चौड़ीकरण के चलते गुढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले 21 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, बंटवारा और डायवर्जन पर रोक लगा दी गई है। खड्डा, उमरी (अवधेशपुर), रीठी, महसांव, पुरास, बड़ागांव, भीटी, गेरुई, पकरा, बंजारी, मुड़िया, नारायणपुर, गांजर, पड़ेरुआ, अमिलिहा, बरिगवां, भटिगवां, गुढ़वा, बदवार, बरसैतादेश, हटवा आदि गांवों के किसान और जमीन मालिक इससे प्रभावित हो रहे हैं। यह रोक 6 महीने पहले से प्रभावी है।
रीवा-सीधी हाईवे के पहले से तैयार 16 KM हिस्से की स्थिति
रीवा-सीधी हाईवे का 16 किलोमीटर हिस्सा पहले ही फोरलेन बन चुका है। इसमें 2.28 किमी लंबी मोहनिया टनल भी शामिल है। यह हिस्सा चुरहट के सर्रा तक जाता है। इसके आगे सीधी की ओर फोरलेन निर्माण की योजना है। साथ ही सोन नदी पर बने वर्तमान दो लेन के पुल के समानांतर दो और लेन का नया पुल भी बनेगा।
रीवा-सीधी हाईवे को लेकर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया
जहां एक ओर लोगों में रीवा-सीधी हाईवे को चार लेन किए जाने से राहत की उम्मीद है, वहीं भूमि अधिग्रहण और क्रय-विक्रय पर रोक को लेकर कुछ गांवों में नाराजगी भी है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि उन्हें उचित मुआवजा और पारदर्शी प्रक्रिया मिले ताकि वे सड़क निर्माण में सहयोग कर सकें।




