सीधी हत्याकांड में दोषी को आजीवन सश्रम कारावास, प्रधान जिला न्यायालय का फैसला

सीधी। सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित हत्या मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, सीधी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने आरोपी राजकुमार सिंह गोंड (44), निवासी ग्राम हडबडो, थाना जमोड़ी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹2,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके साथ ही धारा 201 भादवि के अंतर्गत 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन के अनुसार, घटना 10–11 सितंबर 2023 की है। मृतक हरिश्चंद्र साकेत 10 सितंबर को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन 11 सितंबर को सिरसी–तेगवा जंगल क्षेत्र में उनका शव बरामद हुआ। शव के गले में तौलिया कसा हुआ था तथा शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे।
मामले की सूचना पर थाना जमोड़ी में अपराध क्रमांक 747/2023 दर्ज कर धारा 302 एवं 201 भादवि के तहत जांच प्रारंभ की गई। विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने मृतक द्वारा कथित रूप से अपमानजनक संबोधन किए जाने से नाराज होकर अपचारी बालक के साथ मिलकर हत्या की।
पुलिस अधीक्षक सीधी द्वारा मामले को जघन्य एवं सनसनीखेज मानते हुए विशेष विवेचना के निर्देश दिए गए। जांच पूर्ण होने के बाद विधि विरुद्ध अपचारी बालक का प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड में तथा मुख्य आरोपी के विरुद्ध चालान सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान शासन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों एवं सशक्त पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को संदेह से परे दोषी पाया और सजा सुनाई।




