कोतवाली पुलिस ने चंद घंटों में लूट की घटना का किया पर्दाफाश

सीधी। पुलिस अधीक्षक डॉ. रवीन्द्र वर्मा के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव एवं उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय गायत्री तिवारी के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लूट की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा किया। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से लूट को अंजाम देने वाले दो विधि विरुद्ध बालकों को हिरासत में लिया और लूटा गया पूरा सामान बरामद किया।
घटना का विवरण
थाना कोतवाली में फरियादी दिलेन्द्र यादव (25), निवासी भितरी, थाना बहरी, ने 3 अप्रैल 2025 को शिकायत दर्ज कराई कि वह छत्तीसगढ़ के रतनपुर में गाड़ी चलाता है। 31 मार्च और 1 अप्रैल की दरमियानी रात वह रतनपुर से अपने गांव लौट रहा था। करीब 2:40 बजे वह सीधी में अस्पताल चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप के सामने बस से उतरा और वाहन का इंतजार करने लगा। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने आकर उस पर हमला किया और उसका टेक्नो स्पार्क मोबाइल छीनकर फरार हो गए।
घटना के बाद जब फरियादी ने 2 अप्रैल को अपने फोनपे खाते का स्टेटमेंट चेक किया तो पता चला कि 1 अप्रैल को ही अलग-अलग समय पर ₹59,000 की निकासी की गई थी। इसके बाद उसने परिजनों को पूरी घटना बताई और थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामला दर्ज कर एक विशेष टीम गठित की। थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विवेक द्विवेदी की अगुआई में टीम ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम से फुटेज प्राप्त कर संदिग्धों की पहचान की। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और कुछ ही घंटों में दो विधि विरुद्ध बालकों को हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया और अलग-अलग स्थानों से निकाले गए पूरे ₹59,000 पुलिस को सौंप दिए। हालांकि, उन्होंने लूटा गया मोबाइल तोड़कर फेंक देने की बात कबूल की।
आरोपियों को किया गया न्यायालय में पेश
पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद दोनों विधि विरुद्ध बालकों को बाल न्यायालय में पेश कर दिया। इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा, उपनिरीक्षक विवेक द्विवेदी, प्रधान आरक्षक रण बहादुर सिंह, आरक्षक शांतनु मिश्रा और चालक प्रधान आरक्षक अशोक बहरोलिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




