विंध्य प्रदेश

रीवा में बच्ची का अपहरण: पुलिस की फुर्ती और समर्पण से सुरक्षित रेस्क्यू, परिजनों को मिली राहत

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रीवा में बच्ची का अपहरण एक गंभीर घटना के रूप में सामने आया, लेकिन अमहिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई और समर्पित प्रयासों से बच्ची को सकुशल परिजनों के पास लौटाया गया। यह पूरी घटना पुलिस प्रशासन के कुशल नेतृत्व और टीम वर्क का सशक्त उदाहरण बनी।

 

रीवा में बच्ची का अपहरण होते ही सक्रिय हुई पुलिस टीम

 

29 अप्रैल 2025 को अमहिया थाने में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद इसे अपहरण का मामला मानते हुए धारा 137(2) BNS के तहत केस दर्ज किया। इसके तुरंत बाद कई टीमें गठित की गईं और जांच शुरू की गई।

 

रीवा में बच्ची का अपहरण केस में टीम ने दिखाई फुर्ती और सूझबूझ

 

पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, और नगर पुलिस अधीक्षक डॉ. रितु उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उनि शिवा अग्रवाल और उनकी टीम ने तकनीकी सहायता और स्थानीय सूचना के आधार पर तेजी से बालिका की खोज शुरू की।

 

 

रीवा में बच्ची का अपहरण कर वापसी तक पुलिस ने निभाई संवेदनशील भूमिका

 

 

टीम में शामिल उनि. धनेश पांडे, आरक्षक पीयूष मिश्रा, कौशलेंद्र सिंह, विकास तिवारी और महिला आरक्षक उर्वशी पांडेय ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए परिजनों को भरोसा दिलाया और बालिका की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।

 

 

रीवा में बच्ची का अपहरण रोकने के लिए पुलिस ने की जनता से अपील

 

रीवा पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।

 


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